पंजाब और चंडीगढ़ में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट करने के लिए 15 जून से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। राज्य की मुख्य चुनाव अधिकारी अनंदिता मिश्रा ने बताया कि पंजाब में करीब 2.14 करोड़ मतदाता हैं और इससे पहले साल 2005 में इस तरह का गहन सत्यापन अभियान चलाया गया था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट से फर्जी, दोहराए गए और मृत व्यक्तियों के नाम हटाना है ताकि सूची पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बन सके।
कैसे काम करेगी नई प्रक्रिया
इस विशेष अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर वोटरों का सत्यापन करेंगे। बीएलओ इन्यूमिरेशन फॉर्म की दो प्रतियां भरेंगे, जिसमें से एक प्रति हस्ताक्षर करवाकर मतदाता को दी जाएगी और दूसरी रिकॉर्ड के लिए अपने पास रखेंगे। यदि किसी घर का दरवाजा बंद मिलता है, तो अधिकारी फॉर्म को दरवाजे के नीचे से अंदर डालेंगे। बीएलओ एक महीने के भीतर ऐसे घरों के तीन चक्कर लगाएंगे। इसके बाद भी अगर संपर्क नहीं हो पाता है, तो उन नामों की एक अलग सूची तैयार की जाएगी जिसे सार्वजनिक किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में नए वोटरों के नाम जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
प्रवासी और एनआरआई पर पड़ेगा असर
SIR प्रक्रिया का सबसे बड़ा प्रभाव उन लोगों पर पड़ेगा जो पिछले दो दशकों में बेहतर भविष्य की तलाश में कनाडा, अमेरिका या यूके जैसे देशों में जाकर बस गए हैं। भारतीय कानून के मुताबिक, किसी दूसरे देश की नागरिकता या स्थायी निवास (PR) लेते ही व्यक्ति भारत में वोट डालने का अधिकार खो देता है। चूंकि पंजाब में पिछले 21 सालों से जमीनी स्तर पर कोई बड़ा सत्यापन नहीं हुआ, इसलिए ऐसे लाखों लोगों के नाम अब भी लिस्ट में मौजूद हैं। इस बार गहन जांच के बाद इन नामों को ‘डिलीट’ या ‘शिफ्ट’ कैटेगरी में डालकर सूची से हटाया जा सकता है।
अहम तारीखें और जरूरी दस्तावेज
चुनाव आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए एक समयसीमा तय की है। 31 जुलाई को वोटर लिस्ट का पहला ड्राफ्ट जारी किया जाएगा, जिस पर 30 अगस्त तक आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इसके बाद 28 सितंबर तक सभी विवादों का निपटारा किया जाएगा और 1 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। सत्यापन के लिए मतदाता अपने पास आधार कार्ड, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट या निवास प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज तैयार रखें। जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं होंगे, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकेंगे, जबकि गलतियों को सुधारने के लिए फॉर्म-8 का उपयोग करना होगा।
विपक्ष ने कसी अपनी कमर
SIR प्रक्रिया के ऐलान के बाद पंजाब की सियासत भी गरमा गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी हर बूथ पर अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) तैनात करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी वैध मतदाता का नाम राजनीतिक द्वेष या लापरवाही के कारण न कटे। कांग्रेस का कहना है कि वे इस पूरी सरकारी प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखेंगे और नए पात्र युवाओं के वोट बनवाने में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
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