Delhi Metro Expansion: दिल्ली सरकार ने राजधानी के मेट्रो नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत 7 नए मेट्रो कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिनसे कुल 65 नए स्टेशन और लगभग 97 किलोमीटर का अतिरिक्त नेटवर्क तैयार होगा। इस पूरे प्रोजेक्ट को ‘5बी योजना’ के तहत विकसित किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 48 हजार करोड़ रुपये बताई गई है।
दूरदराज इलाकों को मिलेगा सीधा कनेक्शन
इस योजना के तहत नजफगढ़, नरेला, मीठापुर और खेड़ा कलां जैसे इलाकों को सीधे सेंट्रल दिल्ली से जोड़ा जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे राजधानी के बाहरी और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और ट्रैफिक दबाव कम होगा।
2029 से पहले पूरा करने का लक्ष्य
इन सातों कॉरिडोर में से चार को प्रायोरिटी प्रोजेक्ट के तहत तेजी से पूरा किया जाएगा। सरकार और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के बीच इस पर बैठक भी हो चुकी है। सभी परियोजनाओं की डीपीआर तैयार है और अब इन्हें कैबिनेट और केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार है।
धांसा बस स्टैंड- नांगलोई कॉरिडोर
यह 11.86 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर 9 स्टेशनों के साथ नजफगढ़ क्षेत्र को सीधे ग्रीन लाइन से जोड़ेगा। इससे ग्रामीण दिल्ली के लोगों को नांगलोई और आगे बहादुरगढ़ तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
सेंट्रल सेक्रेट्रिएट- किशनगढ़ कॉरिडोर
15.97 किलोमीटर लंबा यह रूट दक्षिणी दिल्ली के किशनगढ़ और वसंत कुंज क्षेत्र को लुटियंस दिल्ली से जोड़ेगा। यह वॉयलेट लाइन का विस्तार माना जा रहा है, जिससे आरके पुरम, एम्स और खान मार्केट जैसे इलाके कनेक्ट होंगे।
समयपुर बादली- नरेला कॉरिडोर
यह 12.89 किलोमीटर लंबा और 8 स्टेशनों वाला रूट नरेला को सीधे दिल्ली के मुख्य नेटवर्क से जोड़ेगा। यह येलो लाइन का विस्तार होगा और नरेला के औद्योगिक और आवासीय विकास को गति देगा।
कीर्ति नगर- पालम कॉरिडोर
9.96 किलोमीटर लंबे इस रूट में 6 स्टेशन होंगे। यह पश्चिमी दिल्ली को जोड़ते हुए ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन को एक नया लिंक देगा, जिससे रिंग रोड पर ट्रैफिक कम होगा।
जोरबाग- साकेत कॉरिडोर
16.99 किलोमीटर लंबा यह रूट दक्षिण दिल्ली की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। यह 12 स्टेशनों के साथ साकेत, मालवीय नगर और आसपास के क्षेत्रों को सीधे येलो लाइन से जोड़ेगा।
शास्त्री पार्क- मयूर विहार फेज 3 कॉरिडोर
13.2 किलोमीटर का यह कॉरिडोर पूर्वी दिल्ली को मजबूत कनेक्शन देगा। इसमें 8 स्टेशन होंगे और यह रेड लाइन और यमुना पार इलाकों के बीच तेज कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा।
केशवपुरम- रोहिणी सेक्टर 34 कॉरिडोर
16.29 किलोमीटर लंबे इस रूट में 12 स्टेशन होंगे। यह रोहिणी के बाहरी सेक्टरों को रेड लाइन से जोड़कर लाखों लोगों को सीधा मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा।
दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में बड़ा बदलाव तय
इस विस्तार के बाद दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क और अधिक व्यापक हो जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे लाखों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आसान यात्रा सुविधा मिलेगी। अब अंतिम मंजूरी के बाद इन परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा।
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