US-Iran Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव और संभावित युद्ध को खत्म करने के लिए समझौता हो पाएगा या नहीं, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। अब तक दोनों देशों के बीच कोई मजबूत सहमति नहीं बन पाई है, हालांकि बातचीत की कोशिशें लगातार जारी हैं।
ईरान ने भेजा 14 सूत्रीय प्रस्ताव
इसी बीच ईरान ने अमेरिका को नया ड्राफ्ट भेजा है, जिसमें 14 मांगें शामिल हैं। यह प्रस्ताव अमेरिका के पहले 9 सूत्रीय सुझाव के जवाब में दिया गया है, जिसमें वाशिंगटन ने दो महीने के सीजफायर का प्रस्ताव रखा था। ईरान ने 30 दिनों के भीतर सभी प्रमुख मुद्दों को सुलझाने की बात कही है।
ट्रंप ने प्रस्ताव को बताया अस्वीकार्य
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैं जल्द ही उस योजना की समीक्षा करूंगा जो ईरान ने अभी-अभी हमें भेजी है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह स्वीकार्य होगी, क्योंकि पिछले 47 वर्षों में मानवता और दुनिया के साथ उन्होंने जो कुछ भी किया है, उसके लिए उन्होंने अभी तक पूरी कीमत नहीं चुकाई है।” यह बयान उन्होंने Truth Social पर पोस्ट के जरिए दिया।
ईरान पर नए हमलों के संकेत
दक्षिण फ्लोरिडा में दिए गए एक बयान में ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अगर ईरान दुर्व्यवहार करता है या कोई गलत कदम उठाता है तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा, “अगर वे दुर्व्यवहार करते हैं, अगर वे कुछ बुरा करते हैं, लेकिन अभी हम देखेंगे। यह एक संभावना है कि ऐसा हो सकता है, निश्चित रूप से।”
ईरान की स्थिति पर ट्रंप का बयान
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की स्थिति बहुत खराब है और वहां नेतृत्व को लेकर भ्रम की स्थिति है। उन्होंने कहा कि “उन्हें यह समझने में मुश्किल हो रही है कि उनका नेता कौन है? दरअसल, उन्हें पता ही नहीं है कि उनका नेता कौन है क्योंकि उनका नेता जा चुका है।”
ईरान की क्या हैं मांगें?
ईरान ने अपने प्रस्ताव में स्पष्ट किया है कि वह अस्थायी सीजफायर नहीं बल्कि युद्ध का पूर्ण अंत चाहता है। साथ ही उसने सुरक्षा गारंटी, भविष्य में किसी भी सैन्य हमले पर रोक, और क्षेत्र से अमेरिकी सेनाओं की वापसी की मांग की है। ईरान ने सभी अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाने, विदेशों में फ्रीज संपत्तियों को जारी करने और प्रतिबंधों से हुए नुकसान का मुआवजा देने की भी बात कही है।
होर्मुज पर नया प्रस्ताव
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए एक नए शासी तंत्र का सुझाव दिया है, ताकि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से ऊर्जा और व्यापार का प्रवाह बिना बाधा जारी रह सके। फिलहाल स्थिति यह है कि दोनों देश बातचीत और तनाव दोनों रास्तों पर आगे बढ़ रहे हैं। अमेरिका जहां ईरान पर दबाव बनाए रखने की रणनीति अपना रहा है, वहीं ईरान व्यापक शांति समझौते और प्रतिबंधों में राहत की मांग कर रहा है।
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