Trump-Putin Talks: डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के बीच 29 अप्रैल को फोन पर करीब डेढ़ घंटे लंबी बातचीत हुई, जिसे ट्रंप ने ‘बहुत अच्छी और सार्थक’ बताया। इस बातचीत में मुख्य रूप से यूक्रेन युद्ध को रोकने और ईरान के साथ बढ़ते तनाव को कम करने पर बातचीत हुई।
ट्रंप ने पुतिन के सामने रखा प्रस्ताव
पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने खुलासा किया कि उन्होंने पुतिन को यूक्रेन में कुछ समय के लिए युद्धविराम यानी सीजफायर लागू करने का सुझाव दिया। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा, ‘मुझे लगता है कि पुतिन ऐसा कर सकते हैं.’ ट्रंप ने यह भी कहा कि दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से संबंध हैं, जो किसी समाधान तक पहुंचने में मददगार हो सकते हैं।
ईरान मुद्दे पर हुई बातचीत
यूक्रेन के अलावा दोनों नेताओं ने ईरान में चल रहे तनाव और एनरिच यूरेनियम के मुद्दे पर भी चर्चा की। पुतिन ने इस मामले में रूस की ओर से मदद की पेशकश की, लेकिन ट्रंप ने प्राथमिकता स्पष्ट करते हुए कहा कि पहले यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इस बातचीत की पुष्टि क्रेमलिन के सलाहकार यूरी उशाकोव ने की। उन्होंने बताया कि यह बातचीत 90 मिनट से अधिक समय तक चली। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि पुतिन 9 मई को मनाए जाने वाले ‘विक्ट्री डे’ के दौरान युद्धविराम की संभावना पर विचार कर रहे हैं।
ट्रंप ने इस प्रस्ताव का किया समर्थन
ट्रंप ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया और इसे एक अच्छा कदम बताया। ‘विक्ट्री डे’ रूस और अमेरिका की साझा ऐतिहासिक जीत का प्रतीक माना जाता है, ऐसे में इस दिन युद्धविराम की पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या है यूक्रेन युद्ध की स्थिति
उशाकोव के मुताबिक, ट्रंप ने पुतिन से यूक्रेन युद्ध की मौजूदा स्थिति की जानकारी भी ली। इस पर पुतिन ने दावा किया कि युद्ध के मैदान में रूसी सेना का पलड़ा भारी है और वे यूक्रेनी सेना को उनके ठिकानों से पीछे धकेल रहे हैं।
जेलेंस्की को लेकर दोनों नेताओं की एक समान राय
जेलेंस्की को लेकर भी दोनों नेताओं की राय मिलती-जुलती बताई गई। क्रेमलिन के अनुसार, ‘ट्रंप और पुतिन दोनों का मानना है कि यूक्रेन का मौजूदा प्रशासन तनाव को खत्म करने की बजाय उसे लंबा खींचने पर जोर दे रहा है।’
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