Mangaluru Pressure Cooker Blast Case: मंगलुरु प्रेशर कुकर ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी मोहम्मद शारिक को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उसे 10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है और साथ ही 92 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला साल 2022 में हुए चर्चित धमाके से जुड़ा हुआ है।
आतंकी साजिश का हुआ खुलासा
जांच एजेंसी के अनुसार, मोहम्मद शारिक देश में दहशत फैलाने और विस्फोट के जरिए भय का माहौल बनाने की साजिश में शामिल था। जांच के दौरान सामने आया कि वह कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हो चुका था और आतंकी संगठन ISIS से जुड़ गया था।
आतंकी का कट्टरपंथ की ओर झुकाव
NIA की जांच में यह भी सामने आया कि शारिक को उसके सहयोगी अराफात अली ने ISIS की विचारधारा से प्रभावित किया था। इसी के बाद वह आतंकी गतिविधियों में सक्रिय हुआ और देश विरोधी योजनाओं में शामिल हो गया।
दूर तक फैला था नेटवर्क
मामले में अराफात अली पहले ही Shivamogga IS Conspiracy Case में दोषी ठहराया जा चुका है और वह 6 साल की सजा काट रहा है। जांच में यह भी पता चला कि शारिक ने सैयद यासीन और विदेश में बैठे ISIS के ऑनलाइन हैंडलर्स के साथ मिलकर भारत में आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने की योजना बनाई थी। वह आतंकी फंडिंग के लिए भी सक्रिय था।
पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का लिया सहारा
NIA के मुताबिक, आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। उसने धोखाधड़ी से सिम कार्ड और बैंक खाते हासिल किए और लगातार मोबाइल फोन बदलता रहा, ताकि सुरक्षा एजेंसियों से बच सके। मैसूरु में उसने एक ठिकाना बनाया था, जहां IED तैयार करने का सामान इकट्ठा किया गया था।
संवेदनशील इलाकों में की रेकी
जांच में यह भी सामने आया कि शारिक ने मंगलुरु, दावणगेरे और उडुपी जैसे संवेदनशील इलाकों की रेकी की थी। उसका मकसद इन स्थानों पर हमले की योजना को अंजाम देना था, जिससे अधिकतम नुकसान और दहशत फैलाई जा सके।
धमाके के बाद खुद झुलसा
नवंबर 2022 में मोहम्मद शारिक एक ऑटो रिक्शा में प्रेशर कुकर IED लेकर जा रहा था। उसका लक्ष्य मंगलुरु के एक मंदिर में बम रखना था, लेकिन रास्ते में ही विस्फोट हो गया। इस घटना में शारिक खुद घायल हो गया, जबकि एक अन्य व्यक्ति भी जख्मी हुआ था। बाद में उसी घायल व्यक्ति की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया।
जांच में खुला पूरा मामला
पुलिस ने जांच के दौरान मैसूरु स्थित आरोपी के ठिकाने से भारी मात्रा में IED बनाने का सामान बरामद किया। इसके बाद मामले को NIA को सौंप दिया गया, जिसने गहन जांच कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और पूरे आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया। NIA ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे नेटवर्क और देश विरोधी साजिश की जांच अभी भी जारी है। एजेंसी अन्य संदिग्धों और आतंकी कनेक्शन की तलाश में जुटी हुई है, ताकि इस तरह की गतिविधियों को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।
Read More:

