दिल्ली से उत्तराखंड के बीच यात्रा अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और सुविधाजनक हो गई है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे(Delhi-Dehradun Expressway) का उद्घाटन किया, जिसके बाद आम यात्रियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर दोनों को राहत मिली है। इस नए एक्सप्रेसवे का सीधा असर बस किरायों और सफर के समय पर देखने को मिल रहा है।
बस किराए में बड़ी कटौती
उत्तराखंड रोडवेज ने नई दरें लागू कर दी हैं। अब देहरादून से दिल्ली के बीच वॉल्वो बस का किराया 709 रुपये, एसी बस का 557 रुपये और साधारण बस का 355 रुपये तय किया गया है।
पुराने रूट (रुड़की होते हुए) की तुलना में यह किराया काफी कम है। पहले वॉल्वो बस का किराया 945 रुपये और एसी बस का 704 रुपये था। यानी यात्रियों को वॉल्वो में करीब 236 रुपये और एसी बस में लगभग 147 रुपये की बचत हो रही है।
तेज और आसान सफर
नए एक्सप्रेसवे के चलते दिल्ली से देहरादून की दूरी अब लगभग 215 किलोमीटर रह गई है। इसी वजह से यात्रा का समय भी काफी कम हो गया है। रोडवेज ने इस रूट पर 14 नॉन-स्टॉप एसी और वॉल्वो बस सेवाएं शुरू कर दी हैं, जिससे यात्रियों को सीधे और तेज कनेक्टिविटी मिल रही है। इस परियोजना का असर सिर्फ यात्रियों तक सीमित नहीं है। माल ढुलाई करने वाले ट्रकों का समय भी लगभग आधा रह गया है पहले जहां दिल्ली पहुंचने में 8 घंटे लगते थे, अब यह सफर करीब 4 घंटे में पूरा हो रहा है। इससे दिल्ली, हरियाणा और अन्य बड़े व्यापारिक केंद्रों तक सामान पहुंचाना आसान हुआ है।
हालांकि ट्रांसपोर्ट यूनियन ने टोल शुल्क को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि समय और ईंधन की बचत के बावजूद अगर टोल ज्यादा रहा तो लागत बढ़ सकती है। सरकार से मांग की गई है कि टोल दरें संतुलित रखी जाएं। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर बागपत, शामली और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक पहुंचता है। लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट में एलिवेटेड रोड और वन्यजीवों के लिए विशेष कॉरिडोर भी शामिल है, ताकि पर्यावरण और विकास दोनों में संतुलन बना रहे।