Cyber Crime: उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में बैंकिंग और डिजिटल ठगी से जुड़ा सामान बरामद किया है।
क्या-क्या हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 33 एटीएम कार्ड, 29 बैंक पासबुक, 24 सिम कार्ड, 18 चेकबुक, दो लैपटॉप, 32 बोर के 5 अवैध जिंदा कारतूस और 16,750 रुपये नकद बरामद किए हैं। यह बरामदगी साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि समन्वय पोर्टल और एनसीआरपी से मिली सूचना के आधार पर साइबर क्राइम थाने, एसओजी और धनघटा पुलिस की संयुक्त टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर इन पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की हुई पहचान
पुलिस पूछताछ में आरोपियों की पहचान विजय यादव निवासी जगदीशपुर (धनघटा), नीतेश कुमार निवासी त्रिलोकपुर (गोरखपुर), शक्ति निवासी कुसफरा (धनघटा), विकास पांडेय निवासी लोहरैया (धनघटा) और आर्यन पाल निवासी भरवल परवतवा (धनघटा) के रूप में हुई है। ये सभी देश के विभिन्न राज्यों—बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और कर्नाटक से ठगी की रकम मंगाने के लिए खातों का इस्तेमाल करते थे।
गिरोह का नेटवर्क और मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों में सक्रिय था। मामले में इटावा के एक कथित ‘कमांडर’ की भूमिका सामने आई है, जिसकी तलाश पुलिस ने शुरू कर दी है। साथ ही कुछ बैंक खातों की संदिग्ध भूमिका की भी जांच की जा रही है।
ठगी का क्या था तरीका?
साइबर क्राइम थाने के एसआई ललितकांत यादव के अनुसार, इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर पोर्टल पर पंजाब सिंध बैंक, गोला बाजार खलीलाबाद के चार खातों को लेकर शिकायत मिली थी कि उनमें साइबर ठगी की रकम जमा हो रही है। जांच में पता चला कि आरोपी खलीलाबाद क्षेत्र में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाते थे।
लोगों को ऐसे बनाते थे शिकार
आरोपी आम लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का फायदा दिलाने का भरोसा दिलाते थे और फिर उनसे बैंकिंग जानकारी लेकर खातों का दुरुपयोग करते थे। इस तरह वे अलग-अलग राज्यों से ठगी की रकम इन खातों में मंगाते थे।
पुलिस टीम को मिला इनाम
इस सफल कार्रवाई के लिए एसपी संदीप कुमार मीना ने धनघटा थाने के इंस्पेक्टर रामेश्वर यादव, एसओजी प्रभारी अजय कुमार सिंह, साइबर क्राइम थाने के एसआई ललित कांत यादव समेत पूरी टीम की सराहना की। साथ ही टीम को प्रोत्साहित करने के लिए 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।
साइबर अपराध पर नकेल
इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आगे भी ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम लोगों को ठगी से बचाया जा सके।
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