ग्रेटर नोएडा में हाल ही में श्रमिकों के विरोध और तनाव के बीच प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। Megha Rupam ने सूरजपुर इंडस्ट्रियल एरिया में मजदूरों से सीधे संवाद कर शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। इससे पहले, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये किए जाने की खबर पूरी तरह भ्रामक है। मुख्य सचिव Deepak Kumar ने बताया कि केंद्र सरकार फिलहाल लेबर कोड पर काम कर रही है और वेतन वृद्धि का मुद्दा अभी विचाराधीन है।
अफवाह से बिगड़ा माहौल
प्रशासन के अनुसार, यह गलत सूचना सबसे पहले हरियाणा से फैलाई गई, जिसमें दावा किया गया कि केंद्र ने न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये तय कर दिया है और राज्य सरकारों ने भी इसे मंजूरी दे दी है। इस अफवाह के चलते एनसीआर के श्रमिकों में असंतोष बढ़ गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
बाहरी तत्वों की साजिश
कमेटी के सदस्य Alok Kumar ने बताया कि इंटेलिजेंस इनपुट के अनुसार कुछ बाहरी तत्व श्रमिकों की जायज मांगों का फायदा उठाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उनका उद्देश्य ‘वर्कर्स बनाम इंडस्ट्री’ और ‘वर्कर्स बनाम सरकार’ जैसा टकराव पैदा करना है।
प्रशासन की सख्ती और आश्वासन
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर प्रशासन ने ऐसे अराजक तत्वों की पहचान शुरू कर दी है। अधिकारियों ने साफ किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मजदूरों ने भी स्पष्ट किया है कि वे महंगाई को देखते हुए वेतन वृद्धि चाहते हैं, लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करते।
संवाद पर जोर
डीएम मेधा रूपम ने फैक्ट्री मालिकों और श्रमिकों के साथ बैठक कर भविष्य में ऐसे विवादों को रोकने पर जोर दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर समस्या का समाधान जल्द और शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। साथ ही उन्होंने अपील की कि किसी भी मुद्दे पर हिंसा का रास्ता न अपनाया जाए, बल्कि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए।

