केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह(Amit Shah) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में आयोजित रोड शो के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को आगामी विधानसभा चुनावों का अहम मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने घुसपैठियों को बाहर करने का मन बना लिया है और इस बार चुनाव में यह मुद्दा प्रमुख रहेगा।
पश्चिम बर्धमान जिले में रोड शो के दौरान बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में बढ़ती राजनीतिक हिंसा के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी(Mamata Banerjee) और तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी जिम्मेदार हैं। उनका कहना था कि राज्य में हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय हैं।
‘विदेशी मतदाताओं की कोई जगह नहीं’
शाह ने कहा कि देश में विदेशी मतदाताओं की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और भारत को “धर्मशाला” नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि जनता इस बार घुसपैठ के मुद्दे पर निर्णायक रुख अपनाने जा रही है और इसे खत्म करने का संकल्प ले चुकी है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनाएगी।
रोड शो में उमड़ी भीड़ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों का उत्साह साफ दिखाता है कि बदलाव की लहर है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान कोई भी “गुंडा तत्व” मतदाताओं को उनके अधिकार का इस्तेमाल करने से नहीं रोक पाएगा और निर्वाचन आयोग निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ममता सरकार को घेरा
अपने संबोधन में शाह ने ममता बनर्जी सरकार पर पिछले 15 वर्षों में राज्य के विकास को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर घुसपैठ की घटनाएं बढ़ीं, वहीं उद्योग राज्य से बाहर चले गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों-जैसे असम और त्रिपुरा-में घुसपैठ पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है।
रोड शो के बाद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने ममता बनर्जी पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि इसी वजह से घुसपैठियों को संरक्षण मिल रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार पिछले कई वर्षों से भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए राज्य सरकार से जमीन उपलब्ध कराने की मांग कर रही है, लेकिन इस दिशा में अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।