कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मोहसिना किदवई का बुधवार सुबह निधन हो गया। 93 वर्ष की उम्र में उन्होंने सुबह करीब चार बजे अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनकी अंतिम यात्रा नोएडा के सेक्टर-40 स्थित आवास से दोपहर तीन बजे निकाली जाएगी।
नेताओं ने जताया गहरा शोक
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। राहुल गांधी ने उन्हें निष्ठावान और प्रेरणादायक नेता बताते हुए कहा कि उनका जीवन जनसेवा के लिए समर्पित रहा। वहीं खड़गे ने कहा कि किदवई ने छह दशकों से अधिक समय तक देश और पार्टी की सेवा की और उनका निधन राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
लंबा राजनीतिक सफर
मोहसिना किदवई का जन्म 1 जनवरी 1932 को बाराबंकी में हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। वह 1978 के उपचुनाव, 1980 और 1984 में मेरठ से लोकसभा सांसद चुनी गईं। इसके अलावा, वह दो बार छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य भी रहीं।
केंद्र में निभाई अहम जिम्मेदारियां
किदवई ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की सरकारों में केंद्रीय मंत्री के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य, शहरी विकास, पर्यटन और नागरिक उड्डयन जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। वह हज कमेटी की अध्यक्ष भी रह चुकी थीं और कांग्रेस महासचिव के रूप में भी उन्होंने पार्टी को मजबूत किया।
पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिका
मोहसिना किदवई कांग्रेस कार्यसमिति और केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य भी रहीं। उन्हें गांधी परिवार का करीबी माना जाता था और पार्टी के कठिन दौर में भी उन्होंने मार्गदर्शक की भूमिका निभाई। उनका शांत स्वभाव और सादगी भरा व्यक्तित्व उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाता था।
महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
अपने लंबे और सफल राजनीतिक जीवन के दौरान किदवई ने कई पीढ़ियों की महिलाओं को प्रेरित किया। उनकी कार्यशैली, गरिमा और समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से कांग्रेस पार्टी ही नहीं, बल्कि पूरे देश ने एक अनुभवी और सम्मानित नेता को खो दिया है।
READ MORE: दिल्ली की हैट्रिक या गुजरात की पहली जीत, बारिश कर देगी सस्पेंस बरकरार

