असम में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के आरोपों के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है। मामले ने तूल पकड़ लिया है और अब राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने खुद मोर्चा संभालते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
असम पुलिस की कार्रवाई तेज
इस विवाद के बीच असम पुलिस ने पवन खेड़ा के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस टीम उनके दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं मिले। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम सरमा ने कहा कि असम पुलिस उन्हें “पाताल से भी ढूंढकर” ला सकती है, जिससे इस मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कांग्रेस पर हमला
सीएम सरमा ने कांग्रेस अध्यक्ष और नेताओं पर भी तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बिना तथ्य जांचे आरोप नहीं लगाने चाहिए और वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी से बयान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें शक है कि राहुल गांधीने ही इस मामले से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराए होंगे, इसलिए इस विवाद की आंच उन तक भी पहुंच सकती है।
#WATCH | Jorhat | On Congress leader Pawan Khera, Assam CM Himanta Biswa Sarma says, "Before levelling an allegation, he should have asked the foreign minister. Kharge ji has aged, yet he speaks like a madman. Assam Police can find and bring people from 'pataal' as well. I… pic.twitter.com/EgIOsIFcuv
— ANI (@ANI) April 7, 2026
खेड़ा के ठिकाने को लेकर बयानबाजी
इससे पहले सीएम सरमा ने दावा किया था कि पवन खेड़ा पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए अलग-अलग जगहों पर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले वह गुवाहाटी गए और बाद में हैदराबाद चले गए। हालांकि, इस पर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या है पूरा विवाद
यह मामला 5 अप्रैल को हुई कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ा है। उस दौरान पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री हिमंता की पत्नी के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट हैं और इस पर सवाल उठाए थे। उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या यह किसी नियम का उल्लंघन है और इसकी जांच होनी चाहिए।
गंभीर आरोपों से बढ़ा तनाव
पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री पर राजनीति में विभाजनकारी एजेंडा अपनाने का आरोप भी लगाया और इस मुद्दे पर Amit Shah से जवाब मांगा था। उन्होंने एसआईटी जांच की मांग करते हुए कहा था कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मामले ने पकड़ा राजनीतिक रंग
इस पूरे घटनाक्रम के बाद असम की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर जहां पुलिस जांच जारी है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक बयानबाजी से मामला और गरमाता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है।

