Vaishakh Amavasya 2026 Date: वैशाख अमावस्या इस साल 17 अप्रैल 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि की शुरुआत 16 अप्रैल रात 8:11 बजे से होगी और यह 17 अप्रैल शाम 5:21 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार 17 अप्रैल को ही इस व्रत और पूजा का विशेष महत्व माना गया है।
स्नान-दान के लिए शुभ मुहूर्त
इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। ब्रह्म मुहूर्त 04:25 बजे से 05:09 बजे तक रहेगा, जबकि सूर्योदय 05:54 बजे होगा। यदि इस समय संभव न हो, तो सूर्योदय के बाद भी स्नान-दान किया जा सकता है।
अभिजीत और अन्य शुभ मुहूर्त का समय
वैशाख अमावस्या पर अभिजीत मुहूर्त 11:55 बजे से 12:47 बजे तक रहेगा। इसके अलावा सुबह 05:54 बजे से 10:44 बजे तक का समय भी शुभ माना गया है। इसमें चर मुहूर्त 05:54 से 07:31 बजे, लाभ मुहूर्त 07:31 से 09:07 बजे और अमृत मुहूर्त 09:07 से 10:44 बजे तक रहेगा।
पूरे दिन रहेगा सर्वार्थ सिद्धि योग
इस बार वैशाख अमावस्या पर पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है। साथ ही सुबह तक वैधृति योग रहेगा, इसके बाद विष्कम्भ योग और फिर प्रीति योग का संयोग बनेगा।
पंचक का समय और इसका प्रभाव
इस दिन पंचक भी रहेगा, जो सुबह 05:54 बजे से दोपहर 12:02 बजे तक मान्य होगा। यह पंचक सोमवार से शुरू हुआ है और इसे राज पंचक कहा जाता है, जिसे सामान्य रूप से अशुभ नहीं माना जाता है।
पितरों के श्राद्ध और तर्पण का सही समय
जो लोग इस दिन पितरों के लिए श्राद्ध और तर्पण करना चाहते हैं, वे सुबह स्नान के बाद जल अर्पित करें। इसके बाद दोपहर 11:30 बजे से 02:30 बजे के बीच श्राद्ध, पिंडदान और दान करना शुभ रहेगा। मान्यता है कि इससे पितर प्रसन्न होते हैं और परिवार को आशीर्वाद देते हैं।
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