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हनुमान जयंती पर करें बजरंगबली के इन 108 नामों का जाप, दिव्य शक्ति से दूर होंगे सारे संकट 

हनुमान जयंती हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे भगवान Hanuman के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन विशेष रूप से उनकी पूजा-अर्चना और मंत्र जाप का बड़ा महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बजरंगबली के 108 नामों का श्रद्धापूर्वक जाप करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

108 नामों के जाप का क्या है महत्व ?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि हनुमान जयंती के दिन विधि-विधान से भगवान हनुमान के नामों का जाप किया जाए, तो व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं। यह भी माना जाता है कि इन नामों का स्मरण भय, तनाव और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और व्यक्ति को साहस व आत्मविश्वास प्रदान करता है।

हनुमान जी के 108 नामों में उनकी शक्ति, भक्ति, ज्ञान और पराक्रम का वर्णन मिलता है। इन नामों के जाप से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। नियमित रूप से इनका उच्चारण करने से व्यक्ति के भीतर आत्मबल बढ़ता है और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित होती है।

हनुमान जी के 108 नाम इस प्रकार हैं :

  • आंजनेय – ॐ आंजनेयाय नमः

  • महावीर – ॐ महावीराय नमः

  • हनुमान – ॐ हनुमते नमः

  • रामदूत – ॐ रामदूताय नमः

  • मारुतात्मज – ॐ मारुतात्मजाय नमः

  • संजीवनीधारक – ॐ संजीवनीधारकाय नमः

  • लक्ष्मणप्राणदाता – ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः

  • सीताशोकनिवारक – ॐ सीताशोकनिवारकाय नमः

  • रामभक्त – ॐ रामभक्ताय नमः

  • दशग्रीवकुलान्तक – ॐ दशग्रीवकुलान्तकाय नमः

  • वज्रकाय – ॐ वज्रकायाय नमः

  • महातपस्वी – ॐ महातपस्विने नमः

  • पंचवक्त्र – ॐ पंचवक्त्राय नमः

  • चिरंजीवी – ॐ चिरंजीविने नमः

  • बलसिद्धिकर – ॐ बलसिद्धिकराय नमः

  • शूर – ॐ शूराय नमः

  • प्रभु – ॐ प्रभवे नमः

  • सर्वरोगहर – ॐ सर्वरोगहराय नमः

  • सर्वबन्धविमोचक – ॐ सर्वबन्धविमोक्त्रे नमः

  • सर्वग्रहविनाशी – ॐ सर्वग्रहविनाशिने नमः

  • रामचूडामणिप्रद – ॐ रामचूडामणिप्रदायकाय नमः

  • सुग्रीवसचिव – ॐ सुग्रीवसचिवाय नमः

  • विभीषणप्रियकर – ॐ विभीषणप्रियकराय नमः

  • अक्षहंता – ॐ अक्षहन्त्रे नमः

  • लंकाविदाहक – ॐ लंकाविदाहकाय नमः

  • कालनेमिप्रमथन – ॐ कालनेमिप्रमथनाय नमः

  • भीमसेनसहायक – ॐ भीमसेनसहायकृते नमः

  • वानर – ॐ वानराय नमः

  • केसरीनंदन – ॐ केसरीसुताय नमः

  • तत्त्वज्ञानप्रद – ॐ तत्त्वज्ञानप्रदाय नमः

  • अशोकवनविध्वंसक – ॐ अशोकवनविध्वंसकाय नमः

  • मायाविनाशक – ॐ सर्वमायाविभंजनाय नमः

  • परशौर्यविनाशन – ॐ परशौर्यविनाशनाय नमः

  • परमंत्रनाशक – ॐ परमंत्रनिराकर्त्रे नमः

  • यंत्रभेदी – ॐ परयंत्रप्रभेदकाय नमः

  • कपीश्वर – ॐ कपीश्वराय नमः

  • मनोजव – ॐ मनोजवाय नमः

  • गंधमादनवासी – ॐ गंधमादनशैलस्थाय नमः

  • कुमारब्रह्मचारी – ॐ कुमारब्रह्मचारिणे नमः

  • रत्नकुण्डलधारी – ॐ रत्नकुण्डलदीप्तिमते नमः

  • महाबलपराक्रमी – ॐ महाबलपराक्रमाय नमः

  • कारागारविमोचक – ॐ कारागारविमोक्त्रे नमः

  • बंधनमोचक – ॐ श्रंखलाबन्धमोचकाय नमः

  • सागरपारकर्ता – ॐ सागरोत्तारकाय नमः

  • महात्मा – ॐ महात्मने नमः

  • प्राज्ञ – ॐ प्राज्ञाय नमः

  • प्रतापवान – ॐ प्रतापवते नमः

  • महाकाय – ॐ महाकायाय नमः

  • कपिसेनानायक – ॐ कपिसेनानायकाय नमः

  • सर्वविद्याप्रदाता – ॐ सर्वविद्याप्रदायकाय नमः

  • सर्वमंत्रस्वरूप – ॐ सर्वमंत्रस्वरूपवते नमः

  • सर्वतंत्रस्वरूपी – ॐ सर्वतंत्रस्वरूपिणे नमः

  • सर्वयंत्रात्मक – ॐ सर्वयंत्रात्मकाय नमः

  • रामसुग्रीवसंयोजक – ॐ रामसुग्रीवसंधात्रे नमः

  • अहिरावणमर्दन – ॐ अहिरावणमर्दनाय नमः

  • स्फटिकाभ – ॐ स्फटिकाभाय नमः

  • वागीश – ॐ वागीशाय नमः

  • नवव्याकरणपंडित – ॐ नव्याकृतिपण्डिताय नमः

  • चतुर्बाहु – ॐ चतुर्बाहवे नमः

  • दीनबंधु – ॐ दीनबन्धवे नमः

  • भक्तवत्सल – ॐ भक्तवत्सलाय नमः

  • शुचि – ॐ शुचये नमः

  • वाग्मी – ॐ वाग्मिने नमः

  • दृढ़व्रत – ॐ दृढ़व्रताय नमः

  • दान्त – ॐ दान्ताय नमः

  • प्रसन्नात्मा – ॐ प्रसन्नात्मने नमः

  • शांत – ॐ शान्ताय नमः

  • योगी – ॐ योगिने नमः

  • रामकथालोल – ॐ रामकथालोलाय नमः

  • वज्रदंष्ट्र – ॐ वज्रदंष्ट्राय नमः

  • वज्रनख – ॐ वज्रनखाय नमः

  • रुद्रवीर्यसमुद्भव – ॐ रुद्रवीर्यसमुद्भवाय नमः

  • ब्रह्मास्त्रविनिवारक – ॐ ब्रह्मास्त्रविनिवारकाय नमः

  • पार्थध्वजाग्रसंवासी – ॐ पार्थध्वजाग्रसंवासिने नमः

  • शरपंजरभेदक – ॐ शरपंजरभेदकाय नमः

  • दशबाहु – ॐ दशबाहवे नमः

  • लोकपूज्य – ॐ लोकपूज्याय नमः

  • जाम्बवत्प्रीतिवर्धन – ॐ जाम्बवत्प्रीतिवर्धनाय नमः

  • सिंहिकाभंजन – ॐ सिंहिकाप्राणभंजनाय नमः

  • लंकिनिभंजन – ॐ लंकिनिभंजनाय नमः

  • कामरूपी – ॐ कामरूपिणे नमः

  • पिंगलाक्ष – ॐ पिंगलाक्षाय नमः

  • कवलिकृतमार्तंडमंडल – ॐ कवलिकृतमार्तंडमंडलाय नमः

  • तेजस्वी – ॐ महाद्युतये नमः

  • सिंहनादप्रदायक – ॐ सिंहनादस्वनप्रदाय नमः

  • सुरार्चित – ॐ सुरार्चिताय नमः

  • दैत्यकुलान्तक – ॐ दैत्यकुलान्तकाय नमः

  • श्रीमान – ॐ श्रीमते नमः

  • रामकथाप्रिय – ॐ रामकथाप्रियाय नमः

  • श्रीरामभक्तिरसिक – ॐ श्रीरामभक्तिरसिकाय नमः

  • योगनिष्ठ – ॐ योगनिष्ठाय नमः

  • बुद्धिमान – ॐ बुद्धिमानाय नमः

  • वीरहनुमान – ॐ वीरहनुमते नमः

  • रामसखा – ॐ रामसखाय नमः

  • श्रीहनुमते – ॐ हनुमते नमः

कैसे करें जाप ? 

हनुमान जयंती के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थान पर दीपक व धूप जलाएं। इसके बाद भगवान हनुमान की प्रतिमा या चित्र के सामने बैठकर श्रद्धा और एकाग्रता के साथ 108 नामों का जाप करें। संभव हो तो लाल फूल, सिंदूर और गुड़-चना का भोग अर्पित करें।

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