White House Press Conference: वॉशिंगटन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान सार्वजनिक तौर पर शांति वार्ता से इनकार करने का दिखावा कर रहा है, जबकि पर्दे के पीछे समझौते की कोशिशें कर रहा है।
‘तेल के टैंकर’ भेजने का दावा
ट्रंप के अनुसार, ईरान ने अमेरिका को खुश करने के लिए तेल से भरे टैंकर भेजे हैं। उन्होंने बताया कि पहले आठ बड़े ऑयल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से भेजे गए, जिसके बाद ईरान ने कथित तौर पर अपने पुराने बयान के लिए माफी मांगते हुए दो और टैंकर भेजे। इस तरह कुल 10 टैंकर अमेरिका को एक तरह के ‘तोहफे’ के रूप में दिए गए।
बातचीत पर भी दिया इशारा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने अपनी टीम के वार्ताकार स्टीव विटकॉफ की ओर इशारा करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि कहीं उन्होंने यह जानकारी सार्वजनिक कर बातचीत को प्रभावित तो नहीं कर दिया। इस बयान से यह संकेत मिला कि दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे बातचीत जारी हो सकती है।
ईरान की ओर से नहीं आई पुष्टि
हालांकि, ट्रंप के इन दावों की पुष्टि अभी तक ईरान की ओर से नहीं की गई है। इस कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बयान को लेकर संदेह भी जताया जा रहा है।
विशेषज्ञों ने उठाए सवाल
कई रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उनके अनुसार, ट्रंप अपनी ‘मैक्सिमम प्रेशर’ नीति को सफल दिखाने के लिए इस तरह के दावे कर रहे हैं, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि ईरान दबाव में आकर समझौते की कोशिश कर रहा है।
बढ़ सकता है कूटनीतिक तनाव
इस बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पहले से ही पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, ऐसे में इस तरह के दावे वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकते हैं।
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