Election Commission: भारत निर्वाचन आयोग ने 2026 के विधानसभा और उपचुनावों को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि मतदान प्रक्रिया को हर वर्ग के लिए सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जा सके। 15 मार्च 2026 को घोषित कार्यक्रम के अनुसार असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होंगे, जबकि छह राज्यों में उपचुनाव भी कराए जाएंगे।
हर बूथ पर अनिवार्य सुविधाएं
आयोग ने कुल 2,18,807 मतदान केंद्रों पर ‘आश्वस्त न्यूनतम सुविधाएं’ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत हर बूथ पर पीने का पानी, छायादार प्रतीक्षा क्षेत्र, शौचालय, पर्याप्त रोशनी और दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप की व्यवस्था अनिवार्य होगी। साथ ही मानक मतदान कक्ष और स्पष्ट संकेतक भी लगाए जाएंगे, ताकि किसी को परेशानी न हो।
कतार में इंतजार भी होगा आरामदायक
मतदाताओं की सुविधा के लिए आयोग ने निर्देश दिया है कि कतार में नियमित दूरी पर बेंच लगाई जाएं, ताकि लोग अपनी बारी का इंतजार आराम से कर सकें और भीड़भाड़ की स्थिति में असुविधा न हो।
मतदाता जागरूकता पर खास जोर
हर मतदान केंद्र पर मानकीकृत ‘मतदाता सुविधा पोस्टर’ लगाए जाएंगे। इनमें मतदान केंद्र की जानकारी, उम्मीदवारों की सूची, जरूरी दिशा-निर्देश, मान्य पहचान पत्र और मतदान प्रक्रिया से जुड़ी अहम जानकारी दी जाएगी, जिससे मतदाता पूरी तरह जागरूक रह सकें।
मदद के लिए बनेंगे सहायता बूथ
प्रत्येक मतदान स्थल पर ‘मतदाता सहायता बूथ’ स्थापित किए जाएंगे, जहां बूथ लेवल अधिकारी मौजूद रहेंगे। ये अधिकारी मतदाताओं को उनकी मतदान केंद्र संख्या और मतदाता सूची में नाम व क्रम संख्या खोजने में सहायता करेंगे।
मोबाइल जमा करने की भी सुविधा
मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए मतदान केंद्र के बाहर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा दी जाएगी। मतदाता अपना बंद मोबाइल फोन स्वयंसेवक के पास जमा कर सकेंगे और वोट डालने के बाद वापस ले सकेंगे।
सख्ती से लागू होंगे निर्देश
निर्वाचन आयोग ने इन सभी व्यवस्थाओं को अनिवार्य बताते हुए कहा है कि इनका सख्ती से पालन किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि चुनाव से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि हर मतदाता को बिना किसी बाधा के बेहतर मतदान अनुभव मिल सके।
Read More:

