अयोध्या के राम मंदिर परिसर में आयोजित श्रीराम यंत्र स्थापना समारोह में CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि एक जीवंत और प्राचीन सभ्यता है, जो अपनी सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक शक्ति के साथ जागृत हो रही है। उन्होंने अयोध्या को आस्था और आध्यात्म की राजधानी बताते हुए कहा कि यहां आने वाले लोग अब केवल घूमने नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुभव के लिए पहुंचते हैं।
आस्था और संस्कृति के संग नए भारत की पहचान- CM योगी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सदियों की चुनौतियों के बाद भारत अब अपनी पहचान को गर्व के साथ पुनर्स्थापित कर रहा है। उन्होंने विकास के साथ-साथ आस्था और संस्कृति को समान महत्व देने को नए भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया। उनके अनुसार, यही संतुलन देश को वैश्विक स्तर पर एक अलग पहचान देता है।
CM योगी ने राम मंदिर संघर्ष को किया नमन
योगी आदित्यनाथ ने अशोक सिंघल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राम मंदिर आंदोलन में शामिल कारसेवकों के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि इन सभी के त्याग और समर्पण की वजह से ही आज भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हो पाया है। यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, संघर्ष और संकल्प का प्रतीक है।
वैश्विक संकट के बीच भारत की अलग पहचान- CM योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब दुनिया के कई हिस्से युद्ध और आर्थिक अस्थिरता से जूझ रहे हैं, उस समय भारत में शांति, सुरक्षा और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण है। उन्होंने अयोध्या में हजारों लोगों की निडर उपस्थिति को नए भारत की मजबूत और प्रेरणादायक छवि बताया।
अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति से बढ़ी भव्यता
इस अवसर पर केरल की प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी भी अपने 1100 अनुयायियों के साथ विशेष ट्रेन से अयोध्या पहुंचीं। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा और आध्यात्मिक महत्व को और अधिक बढ़ा दिया।
इस प्रकार श्रीराम यंत्र स्थापना समारोह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने अयोध्या को वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और मजबूत कदम साबित किया।
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