पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कई जगहों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी ने सिलीगुड़ी, हावड़ा, बिधाननगर और दुर्गापुर समेत करीब 10 ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई अवैध कॉल सेंटर चलाकर लोगों से ठगी करने के मामले से जुड़ी बताई जा रही है।
अवैध कॉल सेंटर के जरिए ठगी का आरोप
अधिकारियों के मुताबिक यह मामला एक ऐसे गिरोह से जुड़ा है जो कथित तौर पर कॉल सेंटर के माध्यम से लोगों को धोखे में डालकर बड़ी रकम की ठगी कर रहा था। जांच के दौरान सुरश्री कर, सम्राट घोष और सुभजीत चक्रवर्ती के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं। ED की टीम इन आरोपियों और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है, ताकि ठगी के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
सबूत जुटाने में लगी एजेंसी
जांच एजेंसी ने छापेमारी के दौरान कई जरूरी दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन सबूतों की जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी की कुल रकम कितनी है। फिलहाल ED यह भी जांच कर रही है कि इस मामले का किसी तरह से चुनावी फंडिंग या राजनीतिक गतिविधियों से कोई संबंध है या नहीं।
चुनावी माहौल के बीच कार्रवाई
यह छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल काफी गरमाया हुआ है। चुनाव आयोग पहले ही राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर चुका है। राज्य में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इसी दिन असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के चुनाव परिणाम भी सामने आएंगे।
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