पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री के बीच हाल के दिनों में तीन बार बातचीत हो चुकी है। उन्होंने कहा, “हमारे विदेश मंत्री अपने ईरानी समकक्ष के संपर्क में हैं और पिछले कुछ दिनों में दोनों के बीच तीन बार चर्चा हुई है।” उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में जारी संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और कई देशों के लोगों के जीवन पर इसका प्रभाव दिखाई दे रहा है।
पीएम मोदी ने खाड़ी देशों के नेताओं से की बातचीत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि संघर्ष शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाड़ी क्षेत्र के कई नेताओं से बातचीत की है। इन चर्चाओं में प्रधानमंत्री ने स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए संवाद और कूटनीति को जरूरी बताया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि संघर्ष में आम नागरिकों की जान बचाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और भलाई भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर भारतीय समुदाय की सहायता के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है।
पाकिस्तान के आरोपों को बताया निराधार
पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए रणधीर जायसवाल ने उन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए अपनी गलतियों का ठीकरा भारत पर फोड़ना अब आम बात हो गई है। उन्होंने कहा कि दशकों से आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश के रूप में सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की कोई विश्वसनीयता नहीं है।
ऊर्जा आपूर्ति पर भी चर्चा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह भी बताया कि हालिया बातचीत में भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच समुद्री मार्गों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई है। हालांकि उन्होंने कहा कि फिलहाल इन चर्चाओं के बारे में इससे अधिक जानकारी देना जल्दबाजी होगी।