इज़राइल–ईरान संघर्ष का दायरा बढ़ा
इज़राइल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब क्षेत्रीय सीमा से आगे बढ़ता नजर आ रहा है। हालिया घटनाक्रम में दुबई में हमले की खबरों ने पूरे मध्य पूर्व में चिंता और बढ़ा दी है। इस घटनाक्रम के बाद खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
फरवरी 2026 में शुरू हुए इस संघर्ष में United States of America की भागीदारी ने हालात को और जटिल बना दिया है। इज़राइल ने ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की श्रृंखला शुरू कर दी।
दुबई में हमले से बढ़ी चिंता
ताज़ा अपडेट के अनुसार, दुबई के आसपास संदिग्ध ड्रोन या मिसाइल गतिविधि की खबरों के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। हालांकि नुकसान और हताहतों को लेकर आधिकारिक पुष्टि सीमित है, लेकिन इस घटना ने यह संकेत दे दिया है कि संघर्ष अब व्यापक क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है।
दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन केंद्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
इज़राइल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता रहा है। हालिया हमलों में तेहरान, इस्फहान और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इज़राइल का दावा है कि ये कार्रवाई उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत की गई।
इसके जवाब में ईरान ने इज़राइल के कई शहरों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। साथ ही मध्य पूर्व में मौजूद United States Air Force के कुछ ठिकानों को भी निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं।
इज़राइल में आपात कदम
ईरान के जवाबी हमलों के बाद इज़राइल ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। स्कूलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। इज़राइल की मिसाइल रक्षा प्रणाली ने कई हमलों को रोका है, लेकिन तनाव की स्थिति बनी हुई है।
वैश्विक असर
युद्ध का असर अब स्पष्ट रूप से वैश्विक स्तर पर दिखाई दे रहा है।
- कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है।
- अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है।
- कई एयरलाइंस ने मध्य पूर्व के लिए उड़ानों में बदलाव किया है।
दुबई में हमले की खबरों के बाद खाड़ी क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
United Nations ने दोनों देशों से संयम बरतने और तुरंत युद्धविराम की अपील की है। कई देशों ने कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है। हालांकि अभी तक किसी औपचारिक शांति वार्ता की घोषणा नहीं हुई है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष इसी तरह जारी रहा तो यह पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर कर सकता है। दुबई में हमले की खबर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि युद्ध का दायरा बढ़ रहा है और इसका असर वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा पर पड़ सकता है।
फिलहाल हालात बेहद संवेदनशील हैं और दुनिया की नजरें आने वाले दिनों के घटनाक्रम पर टिकी हैं।
















