भारत की समुद्री ताकत का प्रदर्शन के लिए 18 फरवरी 2026 को विशाखापट्टनम के तट पर ‘इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR)’ आयोजित हो रहा है। इस आयोजन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी शामिल होंगी। इसमें भारतीय नौसेना के 50 से अधिक युद्धपोत, पनडुब्बियां और हवाई संपत्तियां शामिल होंगी, साथ ही 50 से ज्यादा मित्र देशों के प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं।
वैश्विक नौसैनिक भागीदारी
आईएफआर 2026 में इंडो-पैसिफिक, यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका समेत विभिन्न क्षेत्रों के देशों की भागीदारी है। फ्रांस, रूस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, ब्राजील और सऊदी अरब जैसे प्रमुख देशों के नौसेना प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। यह उपस्थिति सहयोगी समुद्री सुरक्षा के बढ़ते महत्व को दर्शाती है।
फ्लाईपास्ट और युद्ध कौशल का होगा प्रदर्शन
समारोह के दौरान नौसेना के विमानों का फ्लाईपास्ट, मार्कोस कमांडो का युद्ध कौशल प्रदर्शन और हेलीकॉप्टरों द्वारा खोज एवं बचाव अभियान मुख्य आकर्षण होंगे। यह आयोजन भारत के ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) विजन को रेखांकित करता है।
अंतरराष्ट्रीय सिटी परेड का होगा आयोजन
विशाखापट्टनम के आरके बीच पर अंतरराष्ट्रीय सिटी परेड भी आयोजित की जाएगी। इसमें थल सेना, नौसेना, वायु सेना और तटरक्षक बल के बैंड हिस्सा लेंगे। एनसीसी, सी कैडेट कोर, स्कूली बच्चे और सांस्कृतिक दल भारत की समुद्री विरासत का प्रदर्शन करेंगे। शाम को जहाजों की रोशनी, लेजर शो और ड्रोन फॉर्मेशन से आसमान जगमगाएगा।
‘मिलन 2026’ से क्षेत्रीय सहयोग को बल
आईएफआर के बाद बहुपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘मिलन 2026’ शुरू होगा। 19 फरवरी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अंतरराष्ट्रीय समुद्री सेमिनार और मिलन के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इस अभ्यास के पहले चरण में बंदरगाह पर संवाद और रणनीतिक चर्चाएं होंगी, जबकि दूसरे चरण में समुद्र में संयुक्त अभ्यास आयोजित किए जाएंगे। इनमें समुद्री सुरक्षा, मानवीय सहायता, आपदा राहत और समुद्री डकैती रोधी अभियान पर फोकस रहेगा। यह अभ्यास विभिन्न देशों की नौसेनाओं के बीच तालमेल, विश्वास और पेशेवर आदान-प्रदान को और मजबूत करेगा।