दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है, बुधवार रात को यमुना का जलस्तर 205.50 मीटर दर्ज किया गया, सरकार ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी की है। अगले 2 से 3 दिनों में यमुना नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है ये ‘गंभीर बाढ़’ की श्रेणी में आ सकता है इधर, मयूर विहार में लोगों के रहने के लिए 100 राहत शिविर बनाए गए हैं।
यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया
दिल्ली में मानसून के मौसम में यमुना नदी का जलस्तर दूसरी बार खतरे के निशान को पार कर गया है। आयोग ने अधिकारियों को अपने-अपने इलाकों में निगरानी रखने और आवश्यक कार्रवाई करने की सलाह दी है, जैसे नदी के तटबंधों के पास रहने वाले लोगों को चेतावनी देना और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की व्यवस्था करना। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह 9 बजे यमुना का जलस्तर 204.61 मीटर था, जो रात 8 बजे खतरे के निशान 205.35 मीटर को पार कर गया।
दिल्ली में चेतावनी का निशान 204.5 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 205.3 मीटर है। जलस्तर 206 मीटर तक पहुँचने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना शुरू कर दिया जाता है। पुराना रेलवे पुल नदी के प्रवाह और संभावित बाढ़ के खतरों पर नज़र रखने के लिए एक प्रमुख निगरानी बिंदु है। केंद्रीय बाढ़ कक्ष के एक अधिकारी ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि का मुख्य कारण वज़ीराबाद और हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे भारी मात्रा में पानी छोड़ा जाना है। जलस्तर के और बढ़ने की आशंका है।
केंद्रीय जल आयोग ने जारी की चेतावनी
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, वज़ीराबाद से हर घंटे लगभग 37,230 क्यूसेक और हथिनीकुंड बैराज से लगभग 52,448 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बैराज से छोड़े गए पानी को दिल्ली पहुँचने में आमतौर पर 48 से 50 घंटे लगते हैं। इस समय पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश हो रही है। इसके कारण सारा पानी मैदानी इलाकों में बह रहा है, जिससे यहाँ बाढ़ आ रही है।
इसी बीच, केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने यमुना नदी के जलस्तर को लेकर चेतावनी जारी की है। आयोग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में यमुना नदी का जलस्तर गंभीर बाढ़ की श्रेणी में पहुँच सकता है।
