आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने मांग की है कि दिल्ली मेट्रो में छात्रों को 50 प्रतिशत की छूट मिलनी चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली मेट्रो में केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों की हिस्सेदारी है। इससे होने वाले खर्च को दोनों सरकारों को वहन करना चाहिए। प्रधानमंत्री को लिखे इस पत्र में केजरीवाल ने कहा है कि हम छात्रों के लिए मुफ्त बस यात्रा की योजना बना रहे हैं।
जाट आरक्षण को लेकर PM मोदी को लिखा पत्र
केजरीवाल ने हाल ही में केंद्र सरकार से जाट समुदाय के लोगों को ओबीसी श्रेणी में शामिल करने और उन्हें आरक्षण का लाभ देने की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिखा था। इसके बाद उन्होंने अपने आवास पर जाट नेताओं से मुलाकात भी की थी। केजरीवाल ने कहा था कि पीएम मोदी ने 26 मार्च 2015 को जाट समुदाय को बुलाया था और कहा था कि दिल्ली की ओबीसी सूची में शामिल जाट समुदाय को केंद्र की ओबीसी सूची में शामिल किया जाएगा ताकि उन्हें दिल्ली में केंद्र सरकार के कॉलेजों और नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिल सके।
चिट्ठी लिखने से आरक्षण नहीं मिलता- कमलजीत सहरावत
दिल्ली चुनाव के बीच जाट आरक्षण की मांग को लेकर भाजपा ने केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा था। भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि आरक्षण देना राज्य का विषय है। आम आदमी पार्टी 10 साल तक सत्ता में रही। इस पर कभी चर्चा नहीं हुई। कैलाश गहलोत ने दो-तीन बार जाट आरक्षण की बात की, लेकिन कभी इस मुद्दे को नहीं उठाया। भाजपा ने जाट आरक्षण की मांग की है। चिट्ठी लिखने से आरक्षण नहीं मिलता।
दिल्ली सरकार वेंटिलेटर पर- कुलदीप चहल
वहीं, कुलदीप चहल ने कहा कि दिल्ली सरकार वेंटिलेटर पर है और फिर वह जाट आरक्षण की बात कर रहे हैं। मोदी जी ने मुझे एनडीएमसी का उपाध्यक्ष बनाया। भाजपा ने जगदीप धनखड़ को उपाध्यक्ष बनाया। आम आदमी पार्टी ने उनका मजाक उड़ाया। हरियाणा में भी जाटों ने भाजपा का समर्थन किया। केजरीवाल मुद्दे को भटकाने के लिए जाटों के आरक्षण की बात कर रहे हैं।
