चंड़ीगढ़ में रहने वाला 16 साल का हर्षित शर्मा ने दावा किया था कि उसे गूगल द्वारा आइकन डिजाइनिंग प्रोग्राम के लिए चयनित किया गया है। चंडीगढ़ के पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट द्वारा एक स्टेटमेंट में कहा गया था कि चंडीगढ़ के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले हर्षित का गूगल ने एक खास प्रोग्राम के लिए चयन किया है। उसे एक साल के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। एक साल के ट्रेमिंग प्रोग्राम के तहत हर्षित को स्टाइपन के तौर पर 4 लाख रुपए दिए जाएंगे और एक साल की ट्रेनिंग पूरी होने पर उसे सालाना 1.44 करोड़ रुपए का पैकेज दिया जाएगा। इसके

चंडीगढ़ के 12वीं कक्षा के छात्र हर्षित को गूगल ने ग्राफिक डिजाइनिंग के लिए चुना है. वह सात अगस्त को गूगल में ट्रेनिंग के लिए कैलिफोर्निया जायेगा. शुरुआती एक साल के लिए हर्षित को ट्रेनिंग पर रखा जायेगा और इस दौरान उसे हर माह चार लाख रुपये सैलरी दी जायेगी. ट्रेनिंग खत्म होने के बाद उसे हर महीने 12 लाख रुपये सैलरी मिलेगी. हर्षित हरियाणा के कुरुक्षेत्र का रहने वाला है और एक सरकारी स्कूल में पढ़ता है. वह पढ़ाई में औसत रहा है, मगर धुन का पक्का है. हर्षित जब वह 10 साल का था, तभी से ही उसका झुकाव

दिल्ली चीन सरकार ने अरुणाचल प्रदेश पर कब्जा करने की मुहिम शुरू कर दी है. इस मुहिम के चलते उसकी कोशिश अगले कुछ महीनों में अरुणाचल प्रदेश के कई शहरों के नाम बदलने के साथ-साथ पुराने जाली दस्तावेजों का सहारा लेकर दुनिया के सामने इन शहरों से हजारों साल पुराना नाता दिखाने की है. चीन की इस कोशिश पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने टिप्पणी की है कि इस तरह से पड़ोसी देशों के शहरों का नाम बदलकर चीन अवैध कब्जों को वैध नहीं कर सकता. https://twitter.com/ANI_news/status/855012331700445184 चीन सरकार की इस मुहिम के चलते उसके विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह बहुत जल्द अरुणाचल