अमेरिकी सेना की ओर से अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में  आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट(आईएस) के स्थानीय मुख्यालय पर किए गए हमले में आईएस की अफगान ईकाई का प्रमुख अबू सईद मारा गया है। अमेरिकी सेना ने यह हमला इस सप्ताह के शुरू में किया था। अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने एक वक्तव्य जारी कर आज इस बात की जानकारी दी। पेंटागन की प्रवक्ता डाना व्हाइट ने एक वक्तव्य में कहा कि आईएस के बाकी अन्य सदस्यों को मंगलवार को किए गए हमले में मार गिराया गया है। अफगानिस्तान में आईएस के खिलाफ जुलाई 2016 से जारी अभियान में अबू सईद

अफगानिस्तान के हेलमंड प्रांत में स्थित एक बैंक में गुरुवार को हुए विस्फोट और गोलीबारी में 24 अफगानिस्तानी मारे गए और 50 अन्य घायल हो गए. आधिकारिक प्रवक्ता उमर जवाक ने बताया, "लश्कर गाह शहर में दोपहर को काबुल बैंक की शाखा पर गोलीबारी हुई और एक आत्मघाती हमलावर ने कार में विस्फोट कर दिया." हमले के दौरान कई नागरिक और सुरक्षाकर्मी इमारत में प्रवेश का इंतजार कर रहे थे. प्रवक्ता ने कहा कि घायलों को एक अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है. हमले में मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है. हालांकि अभी इस कार ब्लास्ट में मृतकों की संख्या

वॉशिंगटन ट्रंप प्रशासन के कार्यकाल के दौरान अपनी पहली अफगान रिपोर्ट में पेंटागन ने कहा है कि भारत अफगानिस्तान का सर्वाधिक भरोसेमंद क्षेत्रीय भागीदार है. अमेरिकी कांग्रेस को सौंपी गई छमाही रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अफगान अधिकारियों और आवेदन देने वाले कर्मियों को प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण अवसर मुहैया करा रहा है. हर साल विभिन्न सैन्य अकादिमयों में हिस्सा लेने और ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए करीब 130 अफगान भारत जाते हैं. पेंटागन ने कहा है कि भारत अफगानिस्तान का सर्वाधिक भरोसेमंद क्षेत्रीय भागीदार है और अफगानिस्तान की संसद का निर्माण तथा अफगानिस्तान भारत मित्रता बांध जैसी असैन्य

वॉशिंगटन अफगानिस्तान को लेकर अपनी नई रणनीति पर विचार कर रहा अमेरिका अब पाकिस्तान के साथ सख्ती दिखाने के मूड में है. अमेरिकी अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठनों को खत्म करने के लिए इस्लामाबाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के लिए तैयार है. अमेरिका की मुख्य चिंता उन पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने की है, जो कि अफगानिस्तान को निशाना बनाते हैं. पाकिस्तान के साथ निपटने के लिए ट्रंप प्रशासन जिन तरीकों पर विचार कर रहा है, उनमें ड्रोन्स हमले बढ़ाना, पाकिस्तान को दी जा रही आर्थिक फंडिंग को रोकना

मजार-ए-शरीफ उत्तरी अफगानिस्तान में शनिवार को एक सैन्य ठिकाने पर हुए हमले में एक अफगानी सैनिक मारा गया, जबकि सात अमेरिकी सैनिक घायल हो गए. एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने यह जानकारी दी. काबुल में अमेरिकी सैन्य कमान के प्रवक्ता ने बताया कि अफगानी सैन्य अधिकारियों द्वारा पूर्व में दी गई अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की सूचना गलत थी. लेकिन, उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि अफगानी सेना की 209वीं कॉर्प के मुख्यालय 'कैंप शाहीन' में हुई घटना में घायल सात सैनिकों को बाहर निकाला गया है. इस घटना में एक अफगान सैनिक मारा गया जबकि एक अन्य घायल हुआ है.

काबुल में भारतीय दूतावास के पास धमाका हुआ है, जिसमें 50 लोगों की मौत और 60 घायल हुए हैं.सभी भारतीय कर्मचारी सुरक्षित हैं.  धमाके के बाद आसपास धुएं का गुबार दिखाई दिया, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि धमाका कितना बड़ा था. भारतीय दूतावास की इमारत के दरवाजों और खिड़कियों को नुकसान पहुंचा है. भारत की विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट के माध्यम से जानकारी दी है कि काबुल में भारतीय दूतावास में सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं. https://twitter.com/SushmaSwaraj/status/869775310706716672 अभी तक यह साफ नहीं है धमाके के निशाने पर कौन था. सूत्रों के मुताबिक- भारतीय दूतावास इसका निशाना नहीं था. जिस इलाके में

जलालाबाद अफगानिस्तान के जलालाबाद शहर में स्थित राष्ट्रीय टेलीविजन और रेडियो स्टेशन के दफ्तर पर बुधवार को आत्मघाती हमला हुआ. करीब तीन बंदूकधारी हमलावर दफ्तर में घुसे और सुरक्षाकर्मियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शरू कर दी. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फायरिंग के वक्त बिल्डिंग में भगदड़ का माहौल था. कई पत्रकारों के बिल्डिंग में फंसे होने की सूचना है. हमले की किसी आतंकी समूह द्वारा अब तक जिम्मेदारी नहीं ली गयी है. अफगानिस्तान के जिस प्रांत में यह घटना हुई, वो इस्लामिक स्टेट के आतंकियों का एक बड़ा गढ़ माना जाता है. सरकारी प्रवक्ता अताउल्लाह खोगयानी के मुताबिक, बिल्डिंग में घुसे तीन आतंकियों में से

दिल्ली आतंकवाद को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग थलग पड़ने के बाद पाकिस्तान को अमेरिका ने कहा है कि वह अन्य देशों के खिलाफ छद्म (गलत) रवैये का इस्तेमाल करना बंद करे. पाकिस्तान के नेतृत्व की तरफ से सिर्फ कुछ ही सीमित आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई पर अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल एच. आर. मैकमास्टर ने उसकी कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान और अन्य जगहों पर अपने हितों को लेकर वहां कूटनीति का इस्तेमाल करने चाहिए ना कि छद्म रवैये (प्रॉक्सीज) का. अफगानिस्तान के टेलीविज़न चैनल टोलो न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में मैकमास्टर ने पाकिस्तान के

काबुल अमेरिका के पूर्वी अफगानिस्तान के नंगरहार में किए सबसे बड़े गैर-परमाणु बम हमले में मारे गए इस्लामिक स्टेट के आतंकियों की संख्या 94 हो गई है. नंगरहार प्रांत के प्रवक्ता अताउल्ला खोगयानी ने बताया कि अमेरिकी हमले में मरने वाले आईएस के सदस्यों की संख्या 36 से बढ़ कर 94 हो गई. अचिन जिले में बम के हमले वाली जगह का जायजा लेने के बीच रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कल कहा था कि मृतकों का आकंडा बढ़ सकता है. खोगयानी ने बताया, ‘खुशकिस्मती से कोई आम नागरिक हमले में नहीं मारा नहीं गया.’ गौरतलब है कि गुरुवार को आईएस आतंकियों

अफ़ग़ानिस्तान के नांगरहार प्रांत में सरकार हिंदू और सिख बच्चों के लिए अलग से पढ़ाई की व्यवस्था कराने जा रही है. यहां हिंदू और सिख अल्पसंख्यकों ने शिकायत की थी कि उनके बच्चों की पढ़ाई दांव पर लगी है. उनका कहना था कि हिंदुओं और मुसलमानों के बीच धार्मिक फासला ज़्यादा है. ऐसे में क्लासरूम में इन बच्चों को पढ़ाई में काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. इसलिए सरकार ने फ़ैसला किया है कि नांगरहार प्रांत की राजधानी जलालाबाद में अब हिंदू और सिखों के बच्चों के लिए अलग स्कूल होगा. हालांकि जलालाबाद में हिंदू और सिखों की ज़्यादा