कश्मीर घाटी में तनाव को देखते हुए आज सभी स्कूल-कॉलेज को बंद रखने का आदेश दिया गया है. घाटी में इंटरनेट और मोबाइल सेवा को भी बंद कर दिया गया है. अलगाववादियों ने कल की तरह आज भी घाटी में विरोध-प्रदर्शन का एलान किया है. सोमवार को वहां पर भड़की हिंसा में 200 से ज्यादा छात्र घायल हुए हैं. श्रीनगर के श्रीप्रताप कॉलेज में छात्रों ने पथराव किया. इस दौरान पुलिस ने यहां आंसू गैस के गोले भी छोड़े. श्रीनगर में हुए विरोध प्रदर्शन में छात्राएं भी शामिल थीं.  इतना ही नहीं श्रीनगर के गांदरबल में पत्थर फेंक रहे स्कूली छात्रों

श्रीनगर कश्मीर में पत्थरबाजों से निपटने के लिए अब प्लास्टिक बुलेट्स का इस्तेमाल किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय ने पत्थरबाजों से निपटने के लिए सुरक्षाबलों को प्लास्टिक बुलेट्स का प्रयोग करने को कहा है. लाखों प्लास्टिक बुलेट्स कश्मीर भेजे गए हैं. मंत्रालय ने सुरक्षाबलों से कहा है कि पेलेट गन का इस्तेमाल अंतिम उपाय के रूप में किया जाए. बता दें, पेलेट गन्स की वजह से कश्मीर में सैकड़ों लोग अपनी आंखों की रोशनी गंवा चुके हैं. सुप्रीम कोर्ट भी इसका विकल्प तलाशने को कह चुका है. प्लास्टिक की बुलेट्स शरीर में नहीं धंसती हैं. इन्हें इंसास राइफल्स से फायर किया

कश्मीर में लगातार जारी तनाव के बीच सोमवार को श्रीनगर के लालचौक इलाके में पुलिस पर पत्थरबाजों ने हमला कर दिया. ये लोग रविवार को पुलवामा में छात्रों पर की गई लाठीचार्ज का विरोध कर रहे थे. सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस छोड़ी. वहीं पत्थरबाजों और सेना के बीच चल रहे घमासान की ग्राउंड रिपोर्ट सीआरपीएफ के डीजी ने तैयार कर ली है. इस बीच दिल्ली में सोमवार से शुरू हो रही आर्मी कमांडर कॉन्फ्रेंस में कश्मीर के हालात पर गहन चर्चा होगी. आर्मी कमांडर कॉन्फ्रेंस 17 अप्रैल से 23 अप्रैल तक चलेगी. रक्षा मंत्रालय के

दिल्ली एक न्यूज चैनल ने अपने स्टिंग में पाकिस्तान को लेकर बड़ा खुलासा किया है. इस स्टिंग में पता चला है कि पाकिस्तान कश्मीर के पत्थरबाजों को कैशलेस फंडिंग कर रहा है. न्यूज चैनल ने खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया कि पाकिस्तान इन पत्थरबाजों को पैसा देने के लिए उसी वस्तु विनिमय प्रणाली का सहारा ले रहा है, जिसके जरिए लोग पहले व्यापार करते थे. वस्तु विनिमय प्रणाली में लोग एक सामान के बदले उसी कीमत के दूसरी सामान को लेते-देते हैं. कई ट्रक अक्सर पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद से श्रीनगर में सामान लेकर आते जाते हैं. इन्हीं

दिल्ली जम्मू-कश्मीर में युवक को कथित तौर पर सेना द्वारा गाड़ी के आगे बांधकर घूमाने का वीडियो सामने आया, जिसको लेकर कुछ लोगों ने विरोध में प्रतिक्रियाएं दी तो कुछ लोग सेना के समर्थन में खड़े हो गए. वहीं, ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने भारतीय सेना के समर्थन में ट्वीट किए. योगेश्वर दत्त ने लिखा- बाढ़ से बचाओ, फिर पत्थर खाओ तब तक कुछ लोगों को परेशानी नहीं है अब जब सेना ने मारा नहीं बस हाथ-पैर बाँध दिए तो चिंताजनक स्थिति हो गई. https://twitter.com/DuttYogi/status/853081494293819393 योगेश्वर दत्त ने अपने ट्वीट में लिखा- “जो लोग पूछ रहे हैं कि कौन कितनी बार कश्मीर

श्रीनगर जम्‍मू-कश्‍मीर की श्रीनगर लोकसभा उपचुनाव में नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूख अब्‍दुल्‍ला को जीत मिली है. उन्‍होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पीडीपी के नज़ीर अहमद को हराया. पिछले लोकसभा चुनाव में यह सीट पीडीपी नेता तारिक हमीद कर्रा ने जीती थी, लेकिन उन्होंने पार्टी से नाराज होकर इस्‍तीफा दे दिया था. इस कारण रिक्‍त हुई सीट पर यहां चुनाव हुए थे. जम्‍मू-कश्‍मीर के हालिया हालात की वजह से भी इस वक्‍त इस सीट पर सबकी निगाहें थीं. इस सीट पर अब्‍दुल्‍ला समेत नौ प्रत्‍याशी मैदान में थे. शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में मतगणना हुई. उल्‍लेखनीय है कि सन 2014 के लोकसभा चुनाव में

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें सेना की जीप के बोनट पर एक युवक को बांधकर ले जाया जा रहा है. कहा जा रहा है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि सेना की गाड़ी पर कोई पथराव न करे. सेना ने इस मामले में जांच कराने की बात कही है. https://twitter.com/abdullah_omar/status/852745953677148160 गौरतलब है कि कुछ दिन पहले एक वीडियो सामने आया था जिसमें कश्मीरी युवक सीआरपीएफ के जवानों को उकसाते और उनके साथ मारपीट करते दिख रहे थे. सोशल मीडिया पर वो वीडियो वायरल हो गया था और देशभर में उसे

सीआरपीएफ जवानों के साथ बदसलूकी करने वालों के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई हो सकती है. एबीपी न्यूज को सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि जिन कश्मीर लड़कों ने सीआरपीएफ के जवानों पर हमला किया था, उनकी पहचान हो चुकी है और जल्द ही वो गिरफ्तार किये जा सकते हैं. इस मामले में प्रभावी कार्रवाई के लिए आज सीआरपीएफ के डीजी श्रीनगर भी जा रहे हैं. जांच में पता चला है कि सीआरपीएफ जवानों पर हमला करनेवाले बडगाम जिले के क्रालपोरा इलाके के रहनेवाले हैं और इन्होंने सीआरपीएफ जवानों के साथ बदसलूकी तब कि जब जवान 9 अप्रैल को श्रीनगर

सीआरपीएफ के जवानों के साथ कश्मीर में जो बदसलूकी हुई है, उससे पूरा देश उबल रहा है, लेकिन इस मौके पर भी फारुक अब्दुल्ला पत्थरबाजों का बचाव करने में जुटे हैं. उन्होंने दावा किया है कि कुछ पत्थरबाजों को सरकार से भी पैसा मिलता है. जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की मानें तो सीआरपीएफ के जवानों पर हमला करनेवाले कुछ हाथों की जेबों में सरकारी पैसा भी हो सकता है. सीआरपीएफ के जवानों पर हमला करने वाले लड़कों की तरफदारी में उतरे फारूक अब्दुल्ला यहीं नहीं रूके. उन्होंने इस वीडियो को लेकर देश की भावना पर ही सवालिया निशान

श्रीनगर सरहद पर और देश के अंदर शांति, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आंतकियों से लड़ने वाले सुरक्षाबलों को अपने देश के अंदर भी विरोध का सामना करना पड़ता है और तो और उनके साथ मारपीट तक होती है. कश्मीर घाटी में बीते दिनों केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को आतंकियों से लड़ने से पहले अपने ही लोगों (स्थानीय लोग) की हिंसा और गुस्सा का सामना करना पड़ता है. https://www.facebook.com/332709196847898/videos/1276304779154997/ ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ कश्मीरी युवक सीआरपीएफ जवान की लात से पिटाई कर रहे हैं. उनके साथ हाथापाई तक कर रहे, लेकिन जवानों ने उनकी इन