उत्तर प्रदेश में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जनता की आवश्यक वस्तुओं के साथ किसी भी प्रकार का खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस आदेश के बाद प्रशासनिक तंत्र अलर्ट मोड में आ गया है और अधिकारियों को तुरंत प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार(Yogi Government) के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी बयान में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में घरेलू गैस, पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है। किसी भी वितरक या निजी व्यक्ति द्वारा कालाबाजारी या जमाखोरी करते हुए पाए जाने पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सरकार हमेशा आमजन की सुविधा और आवश्यकताओं को प्राथमिकता देती है।
CM योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
मध्य पूर्व में जारी संकट और उसके असर को देखते हुए, राज्य में अफवाहों को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों, जमाखोरों और कालाबाजारी में शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाए।
इस कदम के पीछे का कारण हाल के दिनों में कुछ जिलों से मिली गैस की कमी और ऊंचे दामों की शिकायतें हैं। मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और जरूरत पड़ने पर औचक निरीक्षण और छापेमारी की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
वितरण प्रणाली की लगातार होगी निगरानी
प्रदेश सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया कि जिला स्तर पर वितरण प्रणाली की निगरानी लगातार की जाए, ताकि जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि आपूर्ति में पारदर्शिता बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर औचक छापेमारी करें। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और अनावश्यक भंडारण या बुकिंग से बचें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि आमजन को राहत देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। उनके निर्देश राज्य में उपभोक्ता हितों की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं।