Thursday, March 5, 2026
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“हां मैं तानाशाह हूं” दावोस में ट्रंप का कबूलनामा, ग्रीनलैंड को लेकर नरम रुख के संकेत…

WASHINGTON, DC - SEPTEMBER 05: U.S. President Donald Trump speaks to the media while signing executive orders in the Oval Office of the White House on September 05, 2025 in Washington, DC. President Trump signed executive orders which included the renaming of the Department of Defense to the Department of War. (Photo by Kevin Dietsch/Getty Images)
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। ग्लोबल इकोनॉमिक फोरम के मंच से बोलते हुए ट्रंप ने खुद को ‘तानाशाह’ बताया, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह हर समय नहीं, बल्कि कुछ परिस्थितियों में तानाशाही रवैया अपनाने की जरूरत महसूस करते हैं।

भाषण की प्रतिक्रिया पर बोलते हुए दिया बयान

स्विट्जरलैंड के दावोस में अपने संबोधन के बाद ट्रंप ने कहा कि उन्हें भाषण पर मिली सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने हैरान कर दिया। उन्होंने कहा, “हमारा भाषण बहुत अच्छा रहा और हमें शानदार रिव्यू मिले। मुझे खुद इस पर भरोसा नहीं हो रहा।” इसके बाद उन्होंने कहा कि “मैं तानाशाह हूं, लेकिन कभी-कभी तानाशाह की जरूरत होती है।”

‘मेरे फैसले विचारधारा नहीं, कॉमन सेंस पर आधारित’

अपने नेतृत्व को लेकर ट्रंप ने कहा कि उनके फैसले किसी राजनीतिक विचारधारा से प्रेरित नहीं होते। उन्होंने दावा किया कि उनकी नीतियां लगभग 95 प्रतिशत “कॉमन सेंस” पर आधारित होती हैं। ट्रंप के मुताबिक, उनके फैसलों को अक्सर गलत तरीके से समझा जाता है।

ग्रीनलैंड को लेकर नरम रुख के संकेत

दावोस में ट्रंप ने ग्रीनलैंड के मुद्दे पर भी स्थिति साफ की। हाल के हफ्तों में उनके बयानों से नाटो के सहयोगी देशों में असहजता देखने को मिली थी। हालांकि अब ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि न तो सैन्य कार्रवाई की कोई योजना है और न ही दबाव बनाने के लिए टैरिफ लगाने का इरादा। नाटो प्रमुख मार्क रुटे से मुलाकात के बाद ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर बातचीत अब सहयोग के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने इसे “लंबी अवधि का समझौता” बताया, जो सुरक्षा और खनिज संसाधनों के लिहाज से सभी पक्षों के लिए फायदेमंद होगा।