हरियाणा के गुरुग्राम स्थित आईएमटी मानेसर में चल रहा कर्मचारियों का आंदोलन गुरुवार को हिंसक झड़प में बदल गया। प्रशासन के काम पर लौटने के अल्टीमेटम को ठुकराने के बाद स्थिति उस वक्त बिगड़ गई, जब पुलिस ने धरना स्थल खाली कराने की कोशिश की।
लाठीचार्ज में 20 कर्मचारी घायल
पुलिस द्वारा भीड़ को हटाने के लिए किए गए लाठीचार्ज में करीब 20 कर्मचारी घायल हो गए। इनमें से एक कर्मचारी के सिर पर गंभीर चोट आई है और उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
पथराव और आगजनी
लोगों के अनुसार, पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। गुस्साए कर्मचारियों ने पुलिस की एक मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया, वहीं एक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल में भी तोड़फोड़ की गई।
अल्टीमेटम से शुरू हुआ विवाद
कर्मचारी पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर थे। प्रशासन ने उन्हें काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन कर्मचारियों ने इसे मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने धरना समाप्त कराने की कार्रवाई की, जिससे टकराव की स्थिति बन गई।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
पुलिस प्रशासन का कहना है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कई बार शांतिपूर्वक हटने की अपील की थी। BNS की धारा 163 लागू होने के बावजूद भीड़ ने कानून हाथ में लिया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। हालात को काबू में करने के लिए “न्यूनतम बल” का प्रयोग किया गया।
कर्मचारियों के आरोप
वहीं, कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि:कई सालों से वेतन में वृद्धि नहीं हुई महंगाई के मुकाबले वेतन बेहद कम है (करीब ₹12,000) ओवरटाइम, न्यूनतम मजदूरी और स्थायीकरण जैसे मुद्दे लंबित हैं।
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