अमेरिका ने वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए 250 मिलियन डॉलर के ‘Pax Silica Fund’ की घोषणा की है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह पहल कांग्रेस के सहयोग से विदेशी सहायता फंडिंग के जरिए लागू की जाएगी। इसका मकसद तकनीकी क्षेत्रों में स्थिरता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है।
किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
यह फंड सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से जुड़े अहम सेक्टरों पर केंद्रित होगा। इसमें क्रिटिकल मिनरल्स का खनन और प्रोसेसिंग, जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार शामिल है। इन क्षेत्रों को मजबूत कर वैश्विक सप्लाई चेन को बाधाओं के प्रति अधिक लचीला बनाया जाएगा। इस योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि पारंपरिक सरकारी सहायता मॉडल से आगे बढ़ते हुए बड़े संप्रभु वेल्थ फंड्स और निजी निवेशकों को इसमें शामिल किया जाएगा। अमेरिकी सरकार के मुताबिक, ऐसे निवेशक औसतन 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की संपत्ति नियंत्रित करते हैं। इस पहल के जरिए उन्हें भरोसेमंद सप्लाई चेन प्रोजेक्ट्स में निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा।
क्या है पैक्स सिलिका?
पैक्स सिलिका अमेरिका की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत दिसंबर 2025 में की गई थी। इसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में चीन पर निर्भरता कम करना है। साथ ही, मित्र देशों के साथ तकनीकी साझेदारी को मजबूत करना भी इस पहल का अहम लक्ष्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैश्विक टेक्नोलॉजी सेक्टर में नए संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे सप्लाई चेन में विविधता आएगी और भविष्य में आने वाले संकटों का असर कम किया जा सकेगा।
लंबी अवधि में दिखेगा असर
हालांकि इस फंड का असर तुरंत नहीं दिखेगा, लेकिन आने वाले वर्षों में यह सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को अधिक स्थिर और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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