US President Election: 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में मतदाताओं का उत्साह अपने चरम पर है। 5 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले ही लगभग 7.5 करोड़ अमेरिकी नागरिकों ने अपना वोट डाल दिया है, जो कि मेल-इन और प्रारंभिक मतदान विकल्पों के कारण संभव हुआ है। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला मौजूदा उपराष्ट्रपति **कमला हैरिस** और पूर्व राष्ट्रपति **डोनाल्ड ट्रंप** के बीच है। दोनों उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर है, और यह चुनाव अमेरिका के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
कमला हैरिस – सामाजिक न्याय की समर्थक
कमला हैरिस, जो वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन में उपराष्ट्रपति हैं, प्रगतिशील नीतियों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर केंद्रित अभियान चला रही हैं। हैरिस का जोर स्वास्थ्य सेवा, जलवायु परिवर्तन, शिक्षा सुधार, और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों पर है। उन्होंने अपने अभियान में मध्यम और निम्न वर्ग के लिए कर सुधारों, पर्यावरण के प्रति जागरूक नीतियों, और महिलाओं तथा अल्पसंख्यकों के अधिकारों को मुख्य रूप से शामिल किया है। उनका उद्देश्य अमेरिका को आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से अधिक समावेशी और प्रगतिशील बनाना है।
डोनाल्ड ट्रंप – “अमेरिका फर्स्ट” एजेंडा पर जोर”
दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर “अमेरिका फर्स्ट” की नीति पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने अपने अभियान में घरेलू उद्योगों की सुरक्षा, इमिग्रेशन सुधार, और मजबूत सीमा सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है। ट्रंप ने अमेरिका के वैश्विक संबंधों में एक सख्त रुख अपनाने का वादा किया है, जिसमें चीन और रूस जैसे देशों पर अधिक नियंत्रण और शक्ति संतुलन बनाए रखना शामिल है। उनके समर्थक मानते हैं कि उनकी आर्थिक और विदेश नीति से अमेरिका की सुरक्षा और सुदृढ़ता बनी रहेगी।
7.5 करोड़ लोगों ने पहले की वोटिंग दिखा कड़ा मुकाबला
इस बार चुनाव में प्रारंभिक मतदान का उत्साह स्पष्ट दिखाई दे रहा है, जिसमें लगभग 7.5 करोड़ लोगों ने पहले ही मतदान कर लिया है। यह संख्या 2020 के चुनाव से भी अधिक है और यह संकेत देती है कि इस बार मतदाताओं में राजनीतिक दृष्टिकोण और विचारधाराओं को लेकर उच्च स्तरीय जागरूकता और उत्साह है।
चुनावी रिजल्ट का होगा वैश्विक प्रभाव
इस चुनाव के परिणाम न केवल अमेरिका बल्कि वैश्विक राजनीति पर भी गहरा प्रभाव डाल सकते हैं। जहाँ हैरिस की जीत से अमेरिका में प्रगतिशील और सहयोगी नीति की दिशा को बल मिल सकता है, वहीं ट्रंप की जीत अमेरिका के विदेश संबंधों को फिर से एक पारंपरिक और संरक्षणवादी दृष्टिकोण की ओर ले जा सकती है। इस चुनाव का परिणाम न केवल अमेरिका के लिए बल्कि अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और विश्व राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

