UP News : योगी सरकार ने मंत्रियों को दी खुली आजादी, बेफिक्र होकर परियोजानाओं में कर सकेंगे करीब 50 करोड़ रुपये तक खर्च
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में विकास परियोजनाओं की वित्तीय मंजूरी को तेज और सरल बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि विभागीय मंत्री स्तर पर मिलने वाली वित्तीय मंजूरी की सीमा को मौजूदा 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में विकास परियोजनाओं की वित्तीय मंजूरी को तेज और सरल बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि विभागीय मंत्री स्तर पर मिलने वाली वित्तीय मंजूरी की सीमा को मौजूदा 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये किया जाए। वहीं, 50 से 150 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को वित्त मंत्री स्तर पर और 150 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं को मुख्यमंत्री स्तर पर मंजूरी देने की व्यवस्था हो, ताकि फाइलें अनावश्यक रूप से न अटकें।
CM ने विभागों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपनी वार्षिक कार्ययोजनाएं हर हाल में 15 अप्रैल तक मंजूरी कराएं। तय समयसीमा का पालन न करने वाले विभागों की सूची सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी। साथ ही, किसी भी परियोजना की लागत यदि 15 प्रतिशत से अधिक बढ़ती है, तो उसके लिए कारण बताते हुए दोबारा प्रस्ताव लेना जरूरी होगा।
वित्त विभाग की समीक्षा बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा
शुक्रवार, 30 जनवरी को मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग की समीक्षा बैठक की। इसमें राज्य की राजकोषीय स्थिति, बजट प्रबंधन, पूंजीगत व्यय, निर्माण कार्यों की निगरानी, डिजिटल वित्तीय सुधार, कोषागार व्यवस्था, पेंशन प्रणाली और विभागीय नवाचारों पर गहन चर्चा हुई।
डिजिटल सुधार और गुणवत्ता पर जोर
वित्त विभाग ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में ऑनलाइन बजट मॉड्यूल, साइबर ट्रेजरी, पूरी तरह ऑनलाइन बिल प्रणाली और डिजिलॉकर के जरिए GPF सेवाएं जैसी कई डिजिटल पहल लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए IIT, NIT और सरकारी तकनीकी संस्थानों से थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। साथ ही, नए सरकारी भवनों में पांच साल का भुगतान-आधारित अनुरक्षण जरूरी करने और पुराने भवनों के लिए कॉर्पस फंड बनाने की जरूरत बताई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने वित्तीय अनुशासन, पूंजीगत निवेश और राजस्व प्रबंधन में देश में एक नया मानक स्थापित किया है। अब लक्ष्य खर्च की गुणवत्ता और डिजिटल पारदर्शिता को और मजबूत कर प्रदेश को सबसे भरोसेमंद वित्तीय प्रशासन वाला राज्य बनाना है।
What's Your Reaction?