Tuesday, March 3, 2026
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UP News : ट्रेन की देरी के कारण छूट गई छात्रा की NEET परीक्षा, रेलवे पर लगा लाखों रुपये का जुर्माना

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उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में ट्रन की देरी होने के कारण जिला उपभोक्ता आयोग ने रेलवे विभाग पर 9 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया है। यह फैसला वर्ष 2018 में दर्ज एक शिकायत के आधार पर आया है।

परीक्षा देने जा रही थी छात्रा

कोतवाली थाना क्षेत्र के पिकौरा बक्स मोहल्ले की रहने वाली समृद्धि नीट की तैयारी कर रही थी। उसका परीक्षा केंद्र लखनऊ के जयनारायण पीजी कॉलेज में तय हुआ था। परीक्षा के दिन समृद्धि ने बस्ती से लखनऊ जाने के लिए इंटरसिटी सुपरफास्ट ट्रेन का टिकट लिया था, जो तय समय अनुसार सुबह 11 बजे लखनऊ पहुंचनी थी।

ट्रेन की देरी के कारण छूटी छात्रा की परीक्षा

ट्रेन निर्धारित समय से करीब ढाई घंटे देरी से लखनऊ पहुंची। जबकि परीक्षा केंद्र पर रिपोर्टिंग का समय दोपहर 12:30 बजे था। ट्रेन की देरी के चलते छात्रा समय पर केंद्र नहीं पहुंच सकी और उसकी नीट परीक्षा छूट गई। वर्षों की मेहनत एक ही दिन में बेकार हो जाने से आहत छात्रा ने उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया।

लगा 9 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना

जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश अमरजीत वर्मा और सदस्य अजय प्रकाश सिंह ने मामले की सुनवाई के बाद रेलवे को सेवा में लापरवाही का दोषी ठहराया। आयोग ने रेलवे पर 9 लाख 10 हजार रुपये का हर्जाना लगाने का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया है कि रेलवे को 45 दिनों के भीतर पूरी मुआवजा राशि का भुगतान करना होगा। यदि तय समय में भुगतान नहीं किया गया, तो पूरी रकम पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अलग से देना पड़ेगा। इस आदेश के बाद रेल प्रशासन में हलचल मच गई है।

सात साल तक चला मुकदमा

समृद्धि के अधिवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने बताया कि 7 मई 2018 को यह घटना हुई थी। ट्रेन की देरी से परीक्षा छूटने के बाद रेलवे मंत्रालय, महाप्रबंधक रेलवे और स्टेशन अधीक्षक को नोटिस भेजे गए थे। जवाब न मिलने पर 11 सितंबर 2018 को जिला उपभोक्ता आयोग में मुकदमा दायर किया गया। करीब सात वर्षों तक चले मुकदमे के दौरान आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। रेलवे ने ट्रेन के विलंब को स्वीकार तो किया, लेकिन देरी का कोई ठोस कारण नहीं बता पाया। इसी आधार पर अदालत ने छात्रा के पक्ष में फैसला सुनाते हुए रेलवे को मुआवजा देने का आदेश दिया।