उत्तर प्रदेश के कानपुर में लैंबोर्गिनी कार से कई लोगों को कुचलने वाले रईसजादे को थाने में कथित तौर पर ‘वीआईपी ट्रीटमेंट’ दिए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में आरोपी की लग्जरी कार को कवर से ढकवाया गया और उसके निजी बाउंसर थाने में गाड़ी की रखवाली करते नजर आए।
थाने में बाउंसरों की बदसलूकी का आरोप
वायरल वीडियो के मुताबिक, आरोपी के साथ मौजूद बाउंसरों ने पीड़ित पक्ष के परिजनों के साथ अभद्रता की। यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जिससे पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में पुलिसकर्मी खुद कार पर कवर डलवाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि मौके पर मौजूद लोग इसका विरोध करते नजर आते हैं।
आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज
मामले में डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ितों की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। हालांकि, एक वीडियो में हादसे के बाद आरोपी शिवम मिश्रा कार से बाहर निकलता हुआ साफ दिखाई दे रहा है, इसके बावजूद उसका नाम एफआईआर में शामिल न होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा ?
यह हादसा रविवार दोपहर करीब 3:15 बजे Rev-3 मॉल के पास हुआ। बिजनेसमैन के.के. मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा द्वारा चलाई जा रही लैंबोर्गिनी कार कथित तौर पर बेकाबू हो गई और सड़क किनारे खड़े लोगों व कई वाहनों को टक्कर मारती चली गई।
चश्मदीदों के अनुसार, कार ने पहले एक ऑटो-रिक्शा को टक्कर मारी, फिर खड़ी रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार करीब 10 फीट हवा में उछल गया। कार बाइक को कुछ दूर तक घसीटती हुई ले गई और अंत में बिजली के खंभे से टकराकर रुकी।

