खाड़ी क्षेत्र में Iran, United States और Israel के बीच जारी भीषण युद्ध को एक महीने से अधिक समय हो चुका है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने गुरुवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में बड़ा दावा करते हुए कहा कि अमेरिका का मिशन लगभग पूरा हो चुका है और ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।
ट्रंप का दावा: ईरान की सैन्य ताकत कमजोर
अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत तेज और निर्णायक कार्रवाई की है। उनके अनुसार, ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है, वायुसेना को भी भारी नुकसान पहुंचा है, कई बड़े सैन्य नेता मारे जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि Islamic Revolutionary Guard Corps की कमांड और कंट्रोल क्षमता को लगभग समाप्त कर दिया गया है।
परमाणु हथियारों पर सख्त रुख
ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका हमेशा से परमाणु हथियारों के खिलाफ रहा है और ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना ही इस युद्ध का मुख्य उद्देश्य था। उन्होंने दावा किया कि यह लक्ष्य अब हासिल कर लिया गया है।
‘तेज और निर्णायक जीत’ का दावा
ट्रंप ने कहा कि पिछले 4 हफ्तों में अमेरिकी सेना ने युद्ध के इतिहास की सबसे तेज और विनाशकारी जीतों में से एक हासिल की है। उनके अनुसार, ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को काफी हद तक नष्ट कर दिया गया है और हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियां भी तबाह कर दी गई हैं।
युद्ध खत्म नहीं, हमले होंगे और तेज
हालांकि दुनिया को उम्मीद थी कि युद्ध समाप्ति की घोषणा होगी, लेकिन ट्रंप ने साफ किया कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अगले 2 से 3 हफ्तों में ईरान पर हमले और तेज किए जाएंगे, जब तक सभी लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं हो जाते।
होर्मुज को लेकर बड़ा बयान
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका को Strait of Hormuz की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि यह समुद्री रास्ता दुनिया के करीब 20-25% तेल-गैस सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है।
क्या 2-3 हफ्तों में खत्म होगा युद्ध?
ट्रंप के बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिका जल्द ही इस युद्ध से बाहर निकल सकता है। उन्होंने कहा कि 2-3 हफ्तों में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और अमेरिका की वापसी संभव है। हालांकि, उनके बयानों में विरोधाभास भी देखने को मिल रहा है, एक ओर मिशन पूरा होने की बात, दूसरी ओर हमले तेज करने की घोषणा।
एक्सपर्ट्स के सामने कई सवाल
- क्या अमेरिका वास्तव में युद्ध खत्म करेगा?
- क्या ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू होगा?
- क्या तेल क्षेत्रों पर कब्जे की योजना है?
- क्या अमेरिका NATO से बाहर निकल सकता है?
- अमेरिका के सामने चुनौतियां
विशेषज्ञों के अनुसार: अमेरिका के लिए हालात उतने आसान नहीं हैं जितना ट्रंप बता रहे हैं। इसके पीछे कई कारण माने जा रहे हैं।
- युद्ध में तेजी से हथियार और संसाधन खर्च हो रहे हैं
- ईरान अब भी जवाबी कार्रवाई में सक्षम है
- ईरान में सत्ता विरोधी माहौल नहीं बना
- Ali Khamenei के बाद सत्ता संरचना मजबूत बनी हुई है
- Strait of Hormuz बंद होने से वैश्विक दबाव बढ़ा है
- NATO के कई देशों ने दूरी बना ली है
- अमेरिका के भीतर बढ़ता दबाव
इस युद्ध का असर अमेरिका के अंदर भी देखने को मिल रहा है। कई शहरों में ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन हुए, उनकी लोकप्रियता (Approval Rating) में गिरावट दर्ज की गई, ईंधन की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

