कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर शुक्रवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में सात लोगों की जान चली गई, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। हादसा डोरमा पेट्रोल पंप के पास हुआ, जहां सड़क किनारे खड़े एक ट्राला में पीछे से तेज रफ्तार पिकअप जा भिड़ी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप के परखचे उड़ गए। वाहन में महिलाएं और बच्चे समेत करीब 25 लोग सवार थे, जिनमें से सात की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। मृतकों में चार महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं।
संगम से मुंडन कर लौट रहा था परिवार
बताया जा रहा है कि सभी लोग प्रयागराज के संगम से मुंडन संस्कार कराकर लौट रहे थे। हादसा सैनी क्षेत्र के डोरमा हाईवे के पास हुआ, जहां पिकअप अनियंत्रित होकर खड़े ट्राला से टकरा गई। घायलों को तुरंत सिराथू के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
रामनवमी पर गया था परिवार
जानकारी के अनुसार, फतेहपुर जिले के जाफरगंज थाना क्षेत्र के कोरावल गांव निवासी पंकज सिंह के बेटे का मुंडन संस्कार रामनवमी के अवसर पर था। इस कार्यक्रम के लिए परिवार और रिश्तेदार वाहन से प्रयागराज गए थे। बताया जा रहा है कि पिकअप में सवार अधिकतर लोग फतेहपुर के मलवा क्षेत्र के बड़ोखर गांव के निवासी थे, जो कड़ा धाम स्थित मां शीतला के दर्शन के बाद लौट रहे थे।
राहत और बचाव में जुटा प्रशासन
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से चार एंबुलेंस लगाई गईं। दुर्घटना के कारण हाईवे पर लंबा जाम भी लग गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संजय कुमार खुद मौजूद रहे और घायलों का हाल जाना। उन्होंने बताया कि कुल 23 घायलों को केंद्र पर लाया गया, जिनमें एक महिला और तीन बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है।
अन्य घायलों में से कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया, जबकि बाकी मरीजों का इलाज जारी है। यह हादसा एक बार फिर हाईवे पर खड़े भारी वाहनों और ओवरलोडिंग जैसी लापरवाहियों पर सवाल खड़े करता है, जिनकी वजह से आए दिन इस तरह की दर्दनाक घटनाएं सामने आती हैं।
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