देहरादून में जल्द शुरू होने जा रहे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर यातायात पुलिस ने पहले ही सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के चालू होते ही शहर में बाहरी राज्यों और जिलों से आने वाले वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। इससे राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक दबाव बढ़ने और जाम की स्थिति बनने की आशंका है। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने शासन को एक विस्तृत रिपोर्ट भेजकर संभावित चुनौतियों और उनसे निपटने के सुझाव भी दिए हैं।
यातायात पुलिस का मानना है कि एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद दिल्ली, हरियाणा, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और रुड़की जैसे इलाकों से आने वाले पर्यटक और निजी वाहनों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर शहर के प्रमुख मार्गों जैसे ट्रांसपोर्ट नगर, आईएसबीटी, शिमला बाईपास, जीएमएस रोड, राजपुर रोड, मसूरी रोड और विकासनगर मार्ग पर साफ दिखाई दे सकता है। इन मुख्य सड़कों से जुड़े लिंक रोड भी अतिरिक्त यातायात दबाव की चपेट में आ सकते हैं।
रिस्पना पुल और जोगीवाला में लगता है जाम
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, शहर में कुछ स्थान पहले से ही “बॉटलनेक प्वाइंट” बन चुके हैं। खासतौर पर रिस्पना पुल और जोगीवाला क्षेत्र में अक्सर जाम की स्थिति देखने को मिलती है। इन रास्तों से ट्रक, बसें, टैंपो ट्रेवलर, स्कूल बसें और बड़ी संख्या में निजी दोपहिया व चारपहिया वाहन गुजरते हैं। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद इन मार्गों पर ट्रैफिक दबाव और अधिक बढ़ने की आशंका है।
इसके अलावा आईएसबीटी क्षेत्र को भी अत्यधिक संवेदनशील माना जा रहा है। बाहरी जिलों और राज्यों से आने वाली बसों, पर्यटक वाहनों और निजी गाड़ियों की संख्या बढ़ने से चंद्रबनी, ट्रांसपोर्ट नगर चौक और शिमला बाईपास क्षेत्र में जाम की स्थिति बन सकती है। वहीं शहर के प्रमुख व्यावसायिक इलाके घंटाघर और पलटन बाजार में भी पर्यटकों की संख्या बढ़ने से पार्किंग और आंतरिक यातायात प्रबंधन बड़ी चुनौती बन सकता है।
बाहरी जिलों के ट्रैफिक से पड़ेगा दबाव
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर की बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के मुकाबले यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा देहरादून में पूर्ण विकसित बाईपास का अभाव भी एक बड़ी समस्या है। बाहरी जिलों से आने वाला ट्रैफिक अक्सर शहर के अंदर से होकर गुजरता है, जिससे आंतरिक मार्गों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
इन संभावित समस्याओं को देखते हुए यातायात पुलिस ने पहले से ही वैकल्पिक यातायात व्यवस्था तैयार की है। इसके तहत यमुनोत्री और विकासनगर की ओर जाने वाले वाहनों को ट्रांसपोर्ट नगर तिराहे से डायवर्ट करने की योजना बनाई गई है। वहीं मसूरी जाने वाले वाहनों के लिए अलग मार्ग तय किए गए हैं। इसके अलावा ऋषिकेश और डोईवाला की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी अलग रूट प्लान तैयार किया गया है, ताकि शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव को कम किया जा सके।