चंद्रशेखर धरणी, चंडीगढ़ : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए देश के बजट को लेकर जहां सत्ता पक्ष जमकर तारीफ करते हुए इसे देश के लिए लाभकारी बजट बता रहा है। वहीं, विपक्षी दलों की ओर से इस पर कटाक्ष किया जा रहा है। इस बार के बजट का देश की जनता पर कैसे असर पड़ेगा, इसे लेकर हमने कुछ चार्टेड एकाउंटटेंस के साथ बात की।
“निर्माण और एक्सपोर्ट का रखा ध्यान”
सीए अभिनव कालड़ा ने बताया कि इस बार के बजट में किसानों को उनके क्षेत्र के हिसाब से वर्गीकृत किया गया है। इसके साथ ही आयकर में टीसीएस, टीडीएस को कम किया है। यह सब सभी को एक स्ट्रीम लाइन में करने के लिए जरूरी है। साथ ही बजट में अधितकर सामान का निर्माण देश में हो और उसका ज्यादा से ज्यादा एक्सपोर्ट हो, इसका भी ध्यान रखा गया है। मध्य वर्ग के लिए आयकर छूट की सीमा को बढ़ाकर 12 लाख रुपए किया गया है। अरोड़ा ने बताया कि अभी तक देश में केवल कुछ ही लोग आयकर रिटर्न भरते थे, लेकिन अब कुछ लोग इसे लेकर जागरूक हुए हैं। लोन लेने के अलावा विदेश जाने के लिए भी आयकर रिटर्न की जरूरत पड़ती है। इसलिए लोगों में इसे लेकर जागरूकता आ रही है। पहले कोई भी व्यक्ति अपनी दो साल की पुरानी रिटर्न भर सकता था, इसकी सीमा को बढ़ाकर 4 साल किया गया है।
“पहली बार मिडिल क्लास की भावनाएं पूरी हुई”
सीए मुकेश अग्रवाल ने बताया कि पहली बार बजट में मिडिल क्लास की भावनाओं को पूरा किया गया है। 4 साल पहले आयकर की सीमा ढाई लाख रुपए ते। 2019 में उसे 5 लाख किया गया। 2023 में 7 लाख और अब 12 लाख किया गया है। इससे 12 लाख की आय वालों को 80 हजार रुपए के टैक्स की बचत होगी। 18 लाख तक की आय वालों की 70 हजार और 25 लाख आय वालों की एक लाख 10 हजार रुपए की बचत होगी। मिडिल क्लास का जो टैक्स बचेगा, उससे देश में खरीद की शक्ति बढ़ेगी। अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने बजट में किसानों को भी सौगात देते हुए क्षेत्र के अनुसार उनका ध्यान रखा है, जैसे बिहार में मखाने की फसल ज्यादा होती है। ऐसे में सरकार ने वहां मखाना प्रोडक्शन बोर्ड बनाने की घोषणा की है।
“बजट में रखा युवाओं का विशेष ध्यान”
सीए पंकज मिश्रा ने बताया कि इस बार के बजट में युवाओं का भी ध्यान रखा गया है। पहले शिक्षा लोन लेने पर टैक्स देना पड़ता था, उसकी लिमिट बढ़ाकर 10 लाख रुपए की गई है, जिससे बच्चा अच्छे से अपनी स्किल को बढ़ा सके। एमएसएमई में इनिशियल फंडिग के अलावा अन्य फंडों में भी सब्सिडी देने की घोषणा की गई है। विकसित शहरों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने समिति बनाकर 25 हजार करोड़ के फंड की घोषणा की है। इससे जहां रोजगार बढ़ेगा, वहीं युवाओं को अपने ही शहर में नौकरी मिल पेगी।
“देश में मिल रही विदेश स्तर की सुविधा”
सीए पंकज मिश्रा ने बताया कि आज देश में विदेश स्तर की सुविधा मिल रही है। बजट में सरकार ने आगामी 10 वर्षों में 120 नए एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की है। इससे कनेक्टिविटी बढ़ेगी। साथ ही मेडिकल सुविधा को बढ़ाने का भी बजट में ध्यान रखा गया है। इसके लिए डॉक्टरों की 75 हजार नई सीट बढ़ाने की घोषणा की गई है।














