पंजाब के युवाओं में विदेश जाने का क्रेज पहले की तुलना में कम हुआ है। विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 30 जून 2025 तक पंजाब में पासपोर्ट के लिए औसतन केवल 1,978 आवेदन प्रतिदिन आए, जो पिछले वर्षों की तुलना में सबसे कम है; कुल पासपोर्ट से जुड़े मामलों की संख्या इस अवधि में सिर्फ 3.60 लाख रही।
हालांकि, पिछले वर्षों में हर साल लाखों युवा पंजाब से विदेश जाने का सपना लेकर निकलते रहे हैं, खासकर कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूके आदि देशों के लिए।
पंजाब सरकार इसे अपनी सफलता बता रही है, क्योंकि उन्होंने सत्ता में आने से पहले ‘वतन वापसी’ का नारा दिया था। लेकिन इसका मुख्य कारण कड़ी विदेशी वीजा नीतियां और विदेश भेजने वाली एजेंसियों द्वारा की जा रही ठगी और कई विद्यार्थियों का फर्जी दस्तावेजों के कारण डिपोर्ट होना हो सकता है।
