भारत-पाकिस्तान सीमा और नियंत्रण रेखा (LoC) पर घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) जल्द ही ‘ऑपरेशन सर्द हवा’ शुरू करने जा रहा है। यह विशेष अभियान जम्मू-कश्मीर और राजस्थान सेक्टर में चलाया जाएगा, जहां सर्दियों में घना कोहरा और धुंध घुसपैठ के लिए अनुकूल हालात पैदा कर देते हैं।
BSF अधिकारियों के मुताबिक, यह ऑपरेशन अगले महीने उपयुक्त समय पर शुरू होकर जनवरी के अंत तक जारी रहेगा। गणतंत्र दिवस से पहले के संवेदनशील दौर को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य सर्दियों के दौरान घुसपैठ की हर कोशिश को समय रहते नाकाम करना है।
निगरानी और गश्त होगी और सख्त
जम्मू में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ‘ऑपरेशन सर्द हवा’ के तहत सीमा पर निगरानी और गश्त को कई गुना बढ़ाया जाएगा। घने कोहरे के बावजूद हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त बल और संसाधन तैनात किए जाएंगे। कश्मीर फ्रंटियर के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि LoC पर सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए अब रडार-आधारित और सेंसर-आधारित सिस्टम, आधुनिक गैजेट्स और उन्नत निगरानी उपकरण इस्तेमाल में लाए जा रहे हैं। इसके साथ ही ड्रोन-आधारित निगरानी को भी काफी बढ़ा दिया गया है।
दुर्गा वाहिनी और ड्रोन कमांडो तैनात
खुफिया एजेंसियों से घुसपैठ की संभावित कोशिशों की जानकारी मिलने के बाद इस ऑपरेशन के दौरान विशेष ड्रोन कमांडो, ड्रोन वॉरियर्स और बीएसएफ की ‘दुर्गा वाहिनी’ इकाइयों को भी तैनात किया जाएगा। हवाई निगरानी को मजबूत कर सीमा पर हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
राजस्थान सेक्टर में भी अलर्ट
राजस्थान फ्रंटियर के अधिकारियों ने बताया कि सभी कमांडरों को संचार व्यवस्था दुरुस्त रखने, नियमित अभ्यास करने और किसी भी उभरते खतरे से निपटने के लिए मजबूत आकस्मिक योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है ‘ऑपरेशन सर्द हवा’?
‘ऑपरेशन सर्द हवा’ बीएसएफ का एक वार्षिक शीतकालीन सुरक्षा अभियान है, जिसे हर साल सर्दियों में लागू किया जाता है। यह जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के चुनौतीपूर्ण इलाकों, अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB), नियंत्रण रेखा (LoC) के संवेदनशील हिस्सों और थार रेगिस्तान तक फैला होता है। इसका मकसद सर्दियों में कोहरे का फायदा उठाकर होने वाली घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों को पूरी तरह रोकना है।














