Friday, February 27, 2026
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पाकिस्तान–अफगानिस्तान में खुली जंग, ताबड़तोड़ हमले शुरू, काबुल से कंधार तक हवाई हमला

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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव अब खुली जंग का रूप लेता दिख रहा है। दोनों देशों के बीच बीते कुछ दिनों से जारी झड़पें अब भीषण सैन्य संघर्ष में बदल चुकी हैं। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक सीमा के कई सेक्टरों में गोलाबारी तेज हो गई है और दोनों ओर से भारी हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख Asim Munir के नेतृत्व में सेना ने सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की हैं, जबकि अफगानिस्तान की ओर से तालिबान लड़ाके मोर्चा संभाले हुए हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, संघर्ष सबसे ज्यादा तोरखम और स्पिन बोलदक सेक्टर में देखा जा रहा है, जहां रॉकेट और मोर्टार दागे जा रहे हैं।

23 चौकियों पर कब्जे का दावा

अफगानिस्तान की ओर से दावा किया गया है कि उसके लड़ाकों ने पाकिस्तान की 20 से अधिक सीमा चौकियों पर कब्जा कर लिया है। हालांकि पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी सेना ने “हर हमले का मुंहतोड़ जवाब” दिया है। पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता के मुताबिक, सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया गया है।

हताहतों की संख्या पर सस्पेंस

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि संघर्ष में कई सैनिक मारे गए हैं, जबकि दोनों देशों की ओर से आधिकारिक आंकड़े सीमित रूप से जारी किए गए हैं। कुछ सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी सैनिकों को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। अफगानिस्तान की तरफ से भी हताहतों की खबरें हैं।

नागरिकों में दहशत

सीमावर्ती गांवों में रहने वाले नागरिकों के बीच दहशत का माहौल है। कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। मानवीय संकट की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर है।

अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी

दक्षिण एशिया में बढ़ते इस सैन्य तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द काबू में नहीं आए तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक शक्तियां दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रही हैं।

क्या है विवाद की जड़?

विश्लेषकों के अनुसार, दोनों देशों के बीच लंबे समय से सीमा निर्धारण और आतंकवाद के मुद्दे पर तनाव बना हुआ है। ड्यूरंड लाइन को लेकर मतभेद और सीमा पार गतिविधियों के आरोप-प्रत्यारोप अक्सर हालात को भड़काते रहे हैं। फिलहाल सीमा पर हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं और किसी भी वक्त हालात और बिगड़ सकते हैं। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह संघर्ष कूटनीतिक समाधान की ओर बढ़ेगा या फिर जंग और भयावह रूप लेगी।