Thursday, February 19, 2026
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भारत और फ्रांस के बीच होगा राफेल विमानों का सौदा, 26 राफेल विमानों का सौदा करेगा भारत

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत और फ्रांस सोमवार को दिल्ली में 26 राफेल मरीन फाइटर जेट के लिए 63,000 करोड़ रुपये के सौदे पर हस्ताक्षर करेंगे। इस अवसर पर भारतीय रक्षा मंत्रालय के अधिकारी और भारत में फ्रांस के राजदूत दोनों देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे। सूत्रों के अनुसार, भारत की ओर से रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह शामिल हो सकते हैं, जबकि फ्रांस और भारत के रक्षा मंत्री वर्चुअली समारोह में शामिल होंगे। हस्ताक्षर समारोह रक्षा मंत्रालय के साउथ ब्लॉक के बाहर होने की संभावना है। पहले, फ्रांसीसी रक्षा मंत्री खुद आने वाले थे, लेकिन निजी कारणों से उन्होंने अपना दौरा रद्द कर दिया।

INS विक्रांत में शामिल किया जाएगा

राफेल एम जेट INS विक्रांत से संचालित होंगे और मौजूदा मिग-29K विमानों की सहायता करेंगे। भारतीय वायु सेना पहले से ही 2016 में खरीदे गए 36 राफेल जेट का बेड़ा संचालित करती है, जो अंबाला और हासीमारा में तैनात हैं। इस नए सौदे के बाद भारत में राफेल विमानों की कुल संख्या 62 हो जाएगी, जो देश के 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की ताकत में बड़ी बढ़ोतरी होगी। सूत्रों ने बताया कि भारतीय विमानवाहक पोतों, खासकर आईएनएस विक्रांत पर तैनाती के लिए 26 राफेल समुद्री लड़ाकू विमानों की तत्काल जरूरत है।

जानिए क्या है भारत की योजना?

मिग-29के लड़ाकू विमानों के बेड़े को हटाने की तैयारी की जा रही है, क्योंकि उनके प्रदर्शन और रखरखाव में दिक्कतें आ रही हैं। 9 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में भारत ने 26 राफेल समुद्री लड़ाकू विमानों के लिए अपने सबसे बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी दी थी। इस सौदे में 22 सिंगल-सीटर और 4 ट्विन-सीटर जेट शामिल हैं। इसके साथ ही विमानों के रखरखाव, रसद सहायता, कर्मियों के प्रशिक्षण और स्वदेशी कलपुर्जों के निर्माण के लिए भी बड़ा पैकेज दिया गया है।

राफेल समुद्री विमान की खासियत

राफेल समुद्री विमान एक मिनट में 18 हजार मीटर की ऊंचाई तक पहुंच सकता है। राफेल मरीन पाकिस्तान के पास मौजूद ए-16 विमान और चीन के पास मौजूद जे-20 विमान से बेहतर है। यह विमान अपनी उड़ान की जगह से 3700 किलोमीटर की दूरी तक हमला कर सकता है।

इस विमान को खास तौर पर एयरक्राफ्ट कैरियर के लिए डिजाइन किया गया है। यह दुश्मन के रडार को चकमा देने में भी सक्षम है। राफेल मरीन विमान हिमालय जैसे बेहद ठंडे इलाकों में भी उड़ान भर सकता है।

राफेल मरीन का वजन राफेल से थोड़ा ज्यादा है। जानकारी के मुताबिक इसका वजन करीब 10,300 किलोग्राम है। राफेल के पंख मुड़ नहीं सकते, लेकिन राफेल मरीन के पंख पूरी तरह मुड़ सकते हैं।

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