Monday, March 2, 2026
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Punjab : फरवरी-मार्च में शुरू होगी ‘SIR’ प्रक्रिया, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जारी किए दिशा-निर्देश

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विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पंजाब में मतदाता सूचियों की SIR प्रक्रिया फरवरी-मार्च के दौरान कराया जाएगा। इसके लिए पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने तैयारियां शुरू कर दी हैं और जिला स्तर तक जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देश के बाद शुरू हुई तैयारी

एक दिन पहले केंद्रीय चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की थी। इसी बैठक में पंजाब में SIR कराने का निर्णय लिया गया। इसके बाद CEO पंजाब ने मतदाता सूचियों में मौजूद गड़बड़ियों को दूर करने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि पुनरीक्षण से पहले अधिकतम सुधार किया जा सके।

इलेक्टोरल मैपिंग प्रतिशत बढ़ाने के दिए निर्देश

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला चुनाव अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन पोलिंग बूथों पर इलेक्टोरल मैपिंग प्रतिशत 50 फीसदी से कम है, वहां तत्काल सुधार किया जाए। ऐसे क्षेत्रों में मतदाता विवरण को डिजिटल सिस्टम से सही ढंग से जोड़ने और सत्यापन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

BLO करेंगे मतदाता सूची सुधार

SIR से पहले मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) को 3 फरवरी तक पांच दिनों के दौरान वे मतदाता सूचियों में हुई गलतियों को ठीक करेंगे। सूचियों में कई तरह की कमियां सामने आई हैं, कहीं ब्लैक एंड व्हाइट फोटो, कहीं धुंधली या तिरछी तस्वीरें, तो कहीं नाम और अन्य विवरणों में टाइपिंग की गलतियां। BLO को इन सभी खामियों को तय समय में सुधारना होगा।

क्या होता है इलेक्टोरल मैपिंग प्रतिशत ?

इलेक्टोरल मैपिंग प्रतिशत यह बताता है कि किसी क्षेत्र के कितने मतदाताओं का विवरण सही तरीके से सत्यापित होकर डिजिटल प्रणाली से जुड़ा है। इसमें मतदाता का नाम, उम्र, पता, फोटो और मतदान केंद्र की सही मैपिंग शामिल होती है। जितना अधिक यह प्रतिशत, उतनी ही विश्वसनीय मतदाता सूची मानी जाती है।

SIR से हटेंगे फर्जी और डुप्लीकेट वोट

SIR का मकसद नए योग्य मतदाताओं को जोड़ना, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और डुप्लीकेट एंट्री को खत्म करना है। इससे मतदाता सूची अधिक पारदर्शी बनेगी।