पंजाब सरकार ने क्राइम, गैंगस्टर और ड्रग्स के खिलाफ “ऑपरेशन प्रहार-2.0” शुरू किया। यह ऑपरेशन 72 घंटे तक चला, जिसमें पुलिस ने 20 दिनों में 5,290 गैंगस्टर और उनके साथियों को गिरफ्तार किया।
पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर AAP सरकार ने एक बार फिर साफ संकेत दे दिया है कि अपराध, गैंगस्टर संस्कृति और नशा तस्करी के खिलाफ अब किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू हुआ ऑपरेशन प्रहार-2 सिर्फ एक पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि वह राजनीतिक संकल्प है जो बीते चार वर्षों में राज्य की सुरक्षा नीति की पहचान बन चुका है।
72 घंटे का महाअभियान
ऑपरेशन प्रहार-2 के तहत पंजाब पुलिस 72 घंटे के विशेष अभियान में पूरी क्षमता के साथ एक्शन मोड में है। डीजीपी गौरव यादव के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में एक साथ छापेमारी, नाकाबंदी और संदिग्धों की धरपकड़ की जा रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान खुद इस ऑपरेशन की पल-पल की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, उनके निर्देशों पर पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी जिलों में जाकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि सरकार इस बार किसी भी स्तर पर ढील देने के मूड में नहीं है।
हाई-टेक रणनीति से अपराधियों के रास्ते बंद
इस अभियान के दौरान हाई-टेक नाकों की व्यवस्था, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई और किसी भी घटना के बाद पूरे इलाके को तुरंत सील करने जैसी रणनीतियों ने अपराधियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पुलिस की इस सख्त घेराबंदी से राज्य में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क पर सीधा दबाव बन रहा है।
पहले ऑपरेशन प्रहार ने बदली थी तस्वीर
जनवरी में चलाए गए पहले ऑपरेशन प्रहार ने पंजाब की कानून व्यवस्था की दिशा ही बदल दी थी। उस 72 घंटे के अभियान में 3,256 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और 69 अवैध हथियार बरामद हुए थे। पटियाला और फाजिल्का में गैंगस्टरों के साथ एनकाउंटर तक हुए थे।
पहले ही दिन 1,314 और दूसरे दिन 1,186 गैंगस्टर व उनके सहयोगी पुलिस के शिकंजे में आए थे। उस समय 12,000 से अधिक पुलिसकर्मी और 1,200 से ज्यादा टीमें एक साथ मैदान में उतरी थीं, जिसे पंजाब के इतिहास का सबसे बड़ा समन्वित पुलिस ऑपरेशन माना गया।
अमृतसर में बड़ी कार्रवाई
ऑपरेशन प्रहार-2 के तहत अमृतसर पुलिस को नशा तस्करी और आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। रेलवे स्टेशन पर चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान में पुलिस ने छह आधुनिक पिस्तौल, ड्रग मनी के साथ पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक कुल 16 अपराधियों को पकड़ा जा चुका है, जिनमें कई शातिर और हिंसक मामलों से जुड़े दोहराव अपराधी भी शामिल हैं।
रेलवे स्टेशन बने थे अपराध का जरिया
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि रेलवे स्टेशन अंतरराज्यीय अपराधों के लिए एक अहम माध्यम बनते जा रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने विशेष क्वाड्रेंट सब-ऑपरेशन चलाया। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की गहन जांच, लावारिस सामान की तलाशी और स्टेशन पार्किंग में खड़े वाहनों पर कड़ी निगरानी रखी गई।
जनता में भरोसा, अपराधियों में डर
पुलिस कमिश्नर ने साफ कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य अपराधियों में भय पैदा करना और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इसी तरह के सघन और योजनाबद्ध अभियान जारी रहेंगे।