पंजाब को अपराधमुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर चल रही ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम के तहत शुरू किए गए ‘ऑपरेशन प्रहार-2’ में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस बड़े अभियान के दौरान पंजाब पुलिस ने बीते 72 घंटों में अपराधियों से जुड़े 8,278 ठिकानों पर दबिश दी।
72 घंटे का विशेष अभियान
अभियान को और तेज करते हुए पंजाब के DGP गौरव यादव ने रविवार को ‘ऑपरेशन प्रहार-2’ की शुरुआत की थी, जिसका मुख्य लक्ष्य फरार अपराधियों को गिरफ्तार करना था। इस राज्यव्यापी कार्रवाई की निगरानी के लिए पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं विभिन्न जिलों में पहुंचे।
लगभग 12,000 पुलिसकर्मियों की 2,000 से अधिक टीमों ने एक साथ यह ऑपरेशन चलाया। DGP ने स्पष्ट किया कि जब तक राज्य पूरी तरह गैंगस्टरों के प्रभाव से मुक्त नहीं हो जाता, तब तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
तीन दिनों में हजारों गिरफ्तारियां
तीन दिन तक चले अभियान की जानकारी देते हुए स्पेशल DGP अर्पित शुक्ला ने बताया कि पूरे राज्य में 7,498 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 3,260 को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में 135 घोषित अपराधी (पीओ) भी शामिल हैं।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 47 हथियार, 4.8 किलोग्राम हेरोइन, 3.6 किलोग्राम अफीम, 42,797 नशीली गोलियां, 68 किलोग्राम भुक्की और लगभग 30 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की। इसके अतिरिक्त 1,450 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया, जबकि जांच के बाद 2,788 व्यक्तियों को रिहा कर दिया गया।
हेल्पलाइन के जरिए सूचना देने की अपील
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि 72 घंटे के इस अभियान ने उम्मीद से बेहतर परिणाम दिए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 पर गुप्त रूप से सूचना देकर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग करें।
नशे के खिलाफ भी जारी मुहिम
इसी दौरान पुलिस ने ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान को 349वें दिन भी जारी रखा। आज पंजाब पुलिस ने 76 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया और 3.9 kg हेरोइन, 526 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 11,500 रुपये की ड्रग मनी बरामद की।
पिछले 349 दिनों में कुल 49,205 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, नशामुक्ति अभियान के तहत 36 व्यक्तियों को नशा छोड़ने और पुनर्वास के लिए प्रेरित किया गया है। पंजाब पुलिस का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और संगठित अपराध के खात्मे के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।