Power Bank Discharge Causes: आज के समय में पावर बैंक लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है, खासकर यात्रा या लंबे समय तक मोबाइल इस्तेमाल के दौरान पावर बैंक की जरुरत पड़ती ही है। हालांकि कई यूजर्स यह शिकायत करते हैं कि उनका पावर बैंक बहुत जल्दी डिस्चार्ज हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे कोई बड़ी खराबी नहीं बल्कि कुछ सामान्य तकनीकी कारण जिम्मेदार होते हैं।
एनर्जी ट्रांसफर में होता है नुकसान
पावर बैंक के जल्दी खाली होने का सबसे बड़ा कारण एनर्जी कन्वर्जन लॉस है। पावर बैंक की बैटरी आमतौर पर 3.7 वोल्ट पर काम करती है, जबकि मोबाइल या अन्य डिवाइस को चार्ज करने के लिए 5 वोल्ट या उससे ज्यादा की जरूरत होती है। इस वोल्टेज को बदलने की प्रक्रिया में काफी ऊर्जा गर्मी के रूप में खत्म हो जाती है। अनुमान के मुताबिक, लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक ऊर्जा इसी प्रक्रिया में नष्ट हो जाती है। इसका मतलब यह है कि अगर आपका पावर बैंक 10,000 mAh का है, तो वह वास्तविक रूप से केवल 6000 से 7000 mAh तक ही उपयोगी चार्ज दे पाता है।
फास्ट चार्जिंग से बढ़ता है लॉस
तेज चार्जिंग तकनीक जैसे PD या QC का उपयोग करने पर यह ऊर्जा हानि और बढ़ जाती है। तेज चार्जिंग के दौरान ज्यादा गर्मी उत्पन्न होती है, जिससे पावर बैंक का चार्ज तेजी से खत्म होता हुआ महसूस होता है।
सस्ती बैटरी भी बड़ी वजह
कम कीमत वाले पावर बैंक में अक्सर बैटरी की गुणवत्ता अच्छी नहीं होती। कई बार कंपनियां ज्यादा क्षमता का दावा करती हैं, लेकिन असल में बैटरी की क्षमता कम होती है। ऐसे पावर बैंक जल्दी डिस्चार्ज होते हैं और समय के साथ उनकी परफॉर्मेंस और भी कमजोर हो जाती है। बेहतर गुणवत्ता के लिए Anker, Mi और Ambrane जैसे ब्रांड के पावर बैंक अधिक भरोसेमंद माने जाते हैं।
सेल्फ-डिस्चार्ज और तापमान का असर
पावर बैंक का चार्ज बिना इस्तेमाल के भी धीरे-धीरे कम होता रहता है, जिसे सेल्फ-डिस्चार्ज कहा जाता है। सामान्य स्थिति में यह हर महीने 2-3 प्रतिशत तक हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक इस्तेमाल न करने पर चार्ज काफी कम हो सकता है। इसके अलावा ज्यादा गर्मी भी बैटरी को प्रभावित करती है। अगर पावर बैंक को कार या धूप में रखा जाए, तो वह तेजी से डिस्चार्ज हो सकता है।
केबल और कनेक्शन भी जिम्मेदार
खराब या सस्ती केबल का उपयोग करने से भी चार्जिंग के दौरान पावर लॉस होता है। साथ ही, अगर पावर बैंक लंबे समय तक फोन से जुड़ा रहता है, तो भी धीरे-धीरे ऊर्जा खत्म होती रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पावर बैंक का जल्दी डिस्चार्ज होना सामान्य प्रक्रिया है, जिसे सही उपयोग और अच्छी गुणवत्ता के उपकरण चुनकर काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
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