प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपने मासिक संवाद ‘मन की बात’ में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। इस दौरान उन्होंने शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बताया। पीएम मोदी ने कहा कि शहीद भगत सिंह में स्वाभाविक रूप से निर्भीकता और देशभक्ति की भावना कूट-कूटकर भरी थी। उन्होंने बताया कि भगत सिंह ने अपने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया और अपनी मृत्यु के समय भी अदम्य साहस का परिचय दिया।
प्रधानमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घटना का उल्लेख किया, जिसमें भगत सिंह ने अंग्रेजों को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने आग्रह किया था कि उन्हें और उनके साथियों को युद्ध बंदियों जैसा सम्मान दिया जाए और उनकी फांसी के बजाय गोली मारकर मौत दी जाए। यह पत्र भगत सिंह की उनकी देशभक्ति और निर्भीकता का परिचायक है। पीएम मोदी ने युवाओं से अपील की कि वे शहीद भगत सिंह जैसे आदर्शों को अपनाएं और देश की सेवा तथा प्रगति में अपना योगदान दें।
प्रधानमंत्री के इस संदेश ने एक बार फिर देशवासियों के दिलों में देशभक्ति की भावना को जागृत किया है और स्वतंत्रता संग्राम के उन महान नायकों को याद दिलाया है जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।

