दिल्ली हाईकोर्ट(Delhi High Court) ने उत्तम नगर में ईद के मौके पर शांति बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस और प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। यह आदेश उस समय आया है जब इलाके में होली के दिन हुई हिंसा के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था, जिसमें 26 वर्षीय युवक की हत्या हो गई थी। मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायाधीश तेजस कारिया की पीठ ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि पुलिस बंदोबस्त इस तरह से किया जाए कि स्थानीय लोगों में सुरक्षा और भरोसे की भावना बनी रहे।
पीठ ने अधिकारियों को दी चेतावनी
पीठ ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी तरह की शरारत या अप्रिय घटना को होने से रोका जाए, जिससे सार्वजनिक जीवन प्रभावित न हो। अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस व्यवस्था आगामी राम नवमी तक प्रभावी रूप से जारी रहे। यह निर्देश ‘एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स’ द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान दिया गया। याचिका में उत्तम नगर में ईद के अवसर पर सांप्रदायिक अशांति की आशंका को दूर करने की मांग की गई थी।
‘सभी वर्गों को मिले सुरक्षा का भरोसा’
अदालत ने इस मौके को ‘पवित्र अवसर’ बताते हुए कहा कि सभी अधिकारियों का दायित्व है कि कोई अप्रिय घटना सार्वजनिक जीवन को प्रभावित न करे। पुलिस बंदोबस्त इस तरह से किया जाए कि सभी वर्गों के लोगों को सुरक्षा का भरोसा मिले और किसी को भी शरारत करने का मौका न मिले।
इस मामले में पुलिस ने पांच मार्च से इलाके में पर्याप्त संख्या में अधिकारियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल तैनात किए हैं। होली के दौरान दो पड़ोसी परिवारों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद ने हिंसा को जन्म दिया था। जांच में एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया और कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में शांति बहाल करना और आगामी त्योहारों के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकना है।