ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स की रिपोर्ट में पाकिस्तान को पहली बार दुनिया का सबसे अधिक आतंकवाद से प्रभावित देश घोषित किया गया है। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस की इस रिपोर्ट के अनुसार, देश में आतंकी घटनाओं और मौतों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।
मौतों का आंकड़ा 1139 तक पहुंचा
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में पाकिस्तान में आतंकवाद से संबंधित मौतों की संख्या 6 प्रतिशत बढ़कर 1139 हो गई, जो 2013 के बाद सबसे ज्यादा है। इसी दौरान कुल 1,045 आतंकी घटनाएं दर्ज की गईं। लगातार छठे साल मौतों में बढ़ोतरी ने सुरक्षा हालात पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि आतंकवादी गतिविधियां मुख्य रूप से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में केंद्रित रहीं। इन दोनों क्षेत्रों में 74 प्रतिशत से अधिक हमले और 67 प्रतिशत मौतें दर्ज की गईं।
टीटीपी की बढ़ती सक्रियता मुख्य कारण
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को इस बढ़ोतरी का प्रमुख कारण बताया गया है। 2025 में टीटीपी ने 595 हमले किए, जो पिछले साल से 24 प्रतिशत अधिक हैं। इन हमलों में 637 लोगों की मौत हुई, जो 2011 के बाद सबसे ज्यादा है।
बंधक बनाने की घटनाओं में उछाल
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बंधक बनाने की घटनाएं 101 से बढ़कर 655 हो गईं। जाफर एक्सप्रेस हमले में अकेले 442 लोगों को बंधक बनाया गया, जो इस बढ़ोतरी का बड़ा उदाहरण है। इसके अलावा दुनिया में आतंकवाद से होने वाली कुल मौतों का करीब 70 प्रतिशत सिर्फ पांच देशों पाकिस्तान, बुर्किना फासो, नाइजीरिया, नाइजर और कांगो में हुआ है।
अफगानिस्तान फैक्टर और क्षेत्रीय तनाव
विशेषज्ञों के मुताबिक, अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद टीटीपी को सीमा पार से समर्थन मिला है, जिससे उसकी क्षमता और हमलों में बढ़ोतरी हुई है। पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों में तनाव को भी इस स्थिति का बड़ा कारण माना गया है।
सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी
यह रैंकिंग पाकिस्तान के लिए एक गंभीर चेतावनी मानी जा रही है, क्योंकि एक ही साल में वह दूसरे स्थान से शीर्ष पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आंतरिक सुरक्षा और सीमाई नियंत्रण को मजबूत किए बिना हालात और बिगड़ सकते हैं।
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