ईद-उल-फितर से पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच घोषित अस्थायी सीजफायर के बावजूद सीमा पर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अफगानिस्तान ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए कुनार प्रांत में भारी गोलाबारी की है।
कुनार में 72 गोलों की बारिश का दावा
अफगान अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से अब तक 72 गोले दागे गए हैं। कुनार के सूचना विभाग प्रमुख ज़िया-उर-रहमान स्पिन घर ने बताया कि नराई जिले के डोकालाम, बारिकोट और सोंगालाई इलाकों में 35 गोले गिरे, जबकि मनोगाई जिले के विभिन्न हिस्सों में 37 गोले दागे गए। नराई क्षेत्र में गोलाबारी जारी रहने की भी बात कही गई है।
नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप
अफगान पक्ष का आरोप है कि पाकिस्तान की सेना उन नागरिकों को निशाना बना रही है, जो अपने घरों को लौट रहे हैं। हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सीजफायर की शर्तें और चेतावनी
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारार ने पहले बताया था कि यह अस्थायी सीजफायर 18/19 मार्च की आधी रात से 23/24 मार्च तक लागू रहेगा। उन्होंने कहा था कि यदि सीमा पार से कोई हमला होता है, तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अफगानिस्तान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने भी ईद के मौके पर रक्षात्मक अभियान रोकने की घोषणा की थी, लेकिन खतरे की स्थिति में जवाब देने की चेतावनी दी थी।
ऑपरेशन ‘गजब-लिल-हक’ की पृष्ठभूमि
इस तनाव की पृष्ठभूमि में पाकिस्तान का सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ है, जिसे 26 फरवरी को शुरू किया गया था। पाकिस्तान का दावा है कि इस ऑपरेशन में अब तक 707 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 938 घायल हुए हैं। पाकिस्तानी सेना के अनुसार, दक्षिण वजीरिस्तान में कई ठिकानों को नष्ट किया गया है और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि उग्रवादी आम नागरिकों जैसे कपड़े पहनकर हमला करते हैं, जिससे पहचान करना मुश्किल हो जाता है।