पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। एलपीजी और कच्चा तेल लेकर आए भारतीय ध्वज वाले टैंकर सुरक्षित रूप से गुजरात के बंदरगाहों तक पहुंच गए हैं, जिससे देश की ऊर्जा आपूर्ति को लेकर फिलहाल स्थिति स्थिर बनी हुई है।
मुंद्रा पोर्ट पहुंचा क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’
गुजरात के मुंद्रा स्थित अदाणी पोर्ट पर भारतीय ध्वज वाला क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ सुरक्षित पहुंच गया है। यह टैंकर संयुक्त अरब अमीरात से करीब 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आया है। जानकारी के अनुसार जहाज ने फुजैराह बंदरगाह से तेल लोड किया था और उसी दिन रवाना हुआ था, जिस दिन वहां के तेल टर्मिनल पर हमला हुआ था। ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ के बाद यह भारत पहुंचने वाला तीसरा टैंकर है, जिसने होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर यात्रा पूरी की।
एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’ पहुंचा वाडीनार
इससे एक दिन पहले एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’ भी करीब 46,500 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर गुजरात के वाडीनार पोर्ट पहुंचा था। यहां एंकरिज क्षेत्र में शिप-टू-शिप (STS) ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, ‘नंदा देवी’ से एलपीजी को MT BW Birch नामक दूसरे जहाज में ट्रांसफर किया जाएगा। यह प्रक्रिया देश में एलपीजी आपूर्ति को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने खुद जहाज पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और ट्रांसफर प्रक्रिया की समीक्षा की।
सरकार ने बंदरगाहों को दिए विशेष निर्देश
ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए सरकार ने प्रमुख बंदरगाहों को जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने और कार्गो ऑपरेशन तेज करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत एंकरिज और बर्थ हायर शुल्क में रियायत, स्टोरेज चार्ज में छूट, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट पर अस्थायी ट्रांसशिपमेंट सुविधा जैसे कदम उठाए गए हैं।
रिफाइनरियों ने बढ़ाई सप्लाई की तैयारी
एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश के बाद एचपीसीएल मित्तल एनर्जी (बठिंडा) और रिलायंस रिफाइनरी (जामनगर) ने अतिरिक्त रेल रेक्स की मांग की है, ताकि गैस की आपूर्ति देश के अलग-अलग हिस्सों तक तेजी से पहुंचाई जा सके।